Tue. Feb 7th, 2023
अगर नौकरी करते हैं तो ऑफिस टाइमिंग और सैलरी का नियम पढ़ लें... कल से काफी कुछ बदलने वाला है

सरकार की ओर से वर्किंग आर के रूप में 48 घंटे का वक्त तय किया गया है.

New Wage Code Rule: नौकरीपेशा लोगों की सैलरी और उनके वर्किंग घंटों को लेकर नियम में कई बदलाव होने वाले हैं. तो अगर आप भी नौकरीपेशा हैं तो अपने हिसाब से सैलरी बढ़वा सकते हैं.

नौकरीपेशा लोगों की सैलरी, छुट्टी, पीएफ आदि के नियमों को लेकर काफी बदलाव होने जा रहा है. सरकार की ओर से नया वेज कोड (New Wage Code) बना दिया गया है और बताया जा रहा है कि ये 1 जुलाई (Rules From 1st July) लागू हो सकती है. हालांकि, अभी तक इसे लेकर कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है. बता दें कि पहले 29 केंद्रीय लेबर कानून के तहत नौकरीपेशा लोगों के लिए नियम बनाए गए थे. अब सरकार ने इन्हें मिलाकर 4 नए कोड में बदल दिया है.

सरकार की ओर से बनाए गए नए 4 कोड में इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस कोड, सोशल सिक्योरिटी कोड और कोड ऑन वेजेज शामिल हैं. लेबर कोड्स में कुछ नए कॉन्सेप्ट लाए गए हैं. इसमें सबसे बड़ा बदलाव वेज की परिभाषा के विस्तार का है. राष्ट्रपति ने पहले ही इनके लिए सहमति जता दी है और अब इसका नोटिफिकेशन जारी होना बाकी है. बताया जा रहा है कि इसे 1 जुलाई से शुरू किया जा सकता है. ऐसे में जानते हैं कि सैलरी को लेकर क्या क्या बदलाव संभव है..

क्या होगा बदलाव?

चार लेबर कोड आने के बाद अब जल्द ही कई नियमों में बदलाव होने वाला है. इससे नौकरीपेशा लोगों के जॉब करने का तरीका काफी बदल सकता है. नए नियमों के हिसाब से ऑफ, छुट्टी लेने के तरीके, सैलरी, पीएफ को लेकर काफी कुछ बदलाव होने वाला है.

  1. तीन दिन का मिलेगा वीक ऑफ- अभी कंपनियों में एक या दो दिन की छुट्टी मिल रही है और आने वाले वक्त में अब तीन दिन का वीक ऑफ मिलने की राह आसान हो सकती है. दरअसल, नए नियमों में सरकार की ओर से कंपनियों को तीन दिन तक छुट्टी देने की छूट मिलेगी और कर्मचारियों को 3 दिन तक छुट्टी मिल सकती है.
  2. हर रोज करना पड़ेगा 12 घंटे काम- सरकार की ओर से वर्किंग आर के रूप में 48 घंटे का वक्त तय किया गया है. अगर 6 दिन काम किया जाता है तो आपकी शिफ्ट 8 घंटे की होगी. अगर चार दिन ही आप काम करते हैं और तीन दिन वीकऑफ लेते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको 12 घंटे तक काम करना होगा. इसका मतलब ये है कि आपको ज्यादा काम नहीं करना होगा, लेकिन आपको हर दिन के हिसाब से ज्यादा काम करना होगा. लेकिन, इसका फायदा ये होगा कि आप दो दिन की जगह तीन दिन की छुट्टी ले सकते हैं. ऐसे में काम 48 घंटे तक काम कर सकते हैं. कर्मचारी को इस अवधि से अधिक काम नहीं करना होगा और न ही कंपनियां कर्मचारियों से इससे अधिक काम ले पाएंगी.
  3. लंबी छुट्टी लेना होगा आसान- बता दें कि पहले लंबी छुट्टी के लिए हर कर्मचारी को 240 दिन का इंतजार नहीं करना होता था. अब इसे घटाकर 180 दिन कर दिया गया है. कोई कर्मचारी 180 दिन या 6 महीने की ड्यूटी के बाद छुट्टी के लिए अरजी लगा सकेगा. पहले यह अवधि 240 दिन की होती थी. कमाई वाली छुट्टी या अर्न्ड लीव के नियम में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
  4. इन हैंड सैलरी कम हो सकती है- वैसे तो कई कंपनियों ने यह नियम शुरू कर दिया है. दरअसल, सरकार ने यह तय कर दिया है कि अब सैलरी स्ट्रक्चर में बेसिक सैलरी का हिस्सा 50 फीसदी होना आवश्यक है, इस वजह से लोगों की इन हैंड सैलरी कम हो जाएगी. अब बेसिक सैलरी के आधार पर पीएफ आदि में बदलाव हो जाएगा. नए लेबर कोड के तहत किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ग्रॉस सैलरी का कम से कम 50 परसेंट जरूर होना चाहिए.
  5. बचत होगी ज्यादा- सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव होने से कर्मचारियों के ईपीएफ अकाउंट में अधिक पैसे जमा होंगे. कर्मचारी के खाते से ग्रेच्युटी का पैसा भी अधिक कटेगा. इससे बचत का हिस्सा ज्यादा हो जाएगा और इन हैंड सैलरी या हर महीने हाथ में आने वाली तनख्वाह कम हो सकती है. ये भविष्य के हिसाब से काफी अच्छो हो जाएगा.
  6. ओवरटाइम को लेकर भी बदलाव- न्यू वेज कोड में 15 से 30 मिनट के अतिरिक्त काम को 30 मिनट गिनकर ओवरटाइम में शामिल करने का प्रस्ताव है. फिलहाल के नियम में 30 मिनट से कम समय को ओवरटाइम नहीं माना गया है. इसे लेकर जल्द ही नियम बदलने वाले हैं.
  7. एफएनएफ को लेकर बदला नियम- इसके अलावा नौकरी छोड़ने या हटाए जाने के बाद मिलने वाले फुल एंड फाइनल सेटलमेंट की जहां तक बात है तो नए लेबर कोड में इसका नियम बदल दिया गया है. अभी अधिकतम 45 दिन का समय लिया जाता है जिसके दौरान कंपनियां कर्मचारी को फुल एंड फाइनल सेटलमेंट देती हैं. लेकिन नया लेबर कोड 2019 लागू होने के बाद दो दिन के अंदर फाइनल सेटलमेंट देना होगा.
  8. सैलरी आने की तारीख को लेकर भी नियम- रिपोर्ट्स के अनुसार, रोजगार के टर्म के हिसाब से ही कंपनी कर्मचारी को एक निर्धारित तारीख पर सैलरी देगी. यह तारीख कंपनी और कर्मचारी के बीच टर्म में निर्धारित होगी. नए लेबर कोड के मुताबिक, अगर कोई नई जॉइनिंग है तो उसकी सैलरी अगले महीने के 7 तारीख तक सेटल हो जानी चाहिए. इस स्थिति में वेज का पीरियड एक महीने से अधिक नहीं हो सकता.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *