Mon. Jan 30th, 2023
अभी के मुकाबले तीन गुना महंगा हो सकता है कच्चा तेल! 380 डॉलर तक पहुंचेगा Crude Oil का भाव

पुतिन अगर प्रोडक्शन में कटौती का फैसला लेते हैं तो कीमत बढ़ जाएगी.

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जेपी मॉर्गन ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा कि अगर ऑयल प्रोडक्शन और ऑयल सप्लाई को लेकर रूस की पुतिन सरकार किसी भी तरह का फैसला लेती है तो इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल का भाव 380 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है.

रसियन क्रूड ऑयल पर बैन के कारण पूरी दुनिया में इसका भाव बढ़ रहा है. ग्लोबल इकोनॉमी पर एनर्जी की कीमत में तेजी का असर साफ-साफ देखा जा रहा है. इस सप्ताह कच्चे तेल का भाव (Crude oil price) इंटरनेशनल मार्केट में 112 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर बंद हुआ. जेपी मॉर्गन के मुताबिक, अमेरिका और यूरोप की तरफ से लगाए गए तमाम तरह के प्रतिबंधों का मुंहतोड़ जवाब देते हुए अगर रूस ऑयल प्रोडक्शन (Russia oil production) में कमी कर दे तो इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल का भाव 380 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है. हाल ही में जी-7 देशों की अहम बैठक हुई जिसमें रूस पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए जाने का फैसला किया गया.

जेपी मॉर्गन ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि अगर पुतिन रोजाना आधार पर 5 मिलियन बैरल कच्चा तेल का उत्पादन कम कर दें तो रूस की अर्थव्यवस्था पर बहुत ज्यादा असर नहीं होगा, लेकिन ग्लोबल इकोनॉमी पर इसका बहुत असर होगा. अगर रोजाना प्रोडक्शन में 3 मिलियन बैरल की कटौती की जाती है तो लंदन क्रूड ऑयल प्राइस बढ़कर 190 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच जाएगा. अगर यह कटौती रोजाना आधार पर 5 मिलियन बैरल होता है तो कीमत बढ़कर 380 डॉलर तक पहुंच जाएगी.

रूस प्रोडक्शन में कटौती का फैसला ले सकता है

रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर रूस अपना तेल एक्सपोर्ट घटाने का भी फैसला लेता हो तो तहलक मच सकता है. इस बात की पूरी-पूरी संभावना है कि रूस पश्चिमी देशों को सबक सिखाने के लिए इस तरह का फैसला ले सकता है.

पेट्रोलियम निर्यात पर एडिशनल एक्सपोर्ट ड्यूटी लगाई गई

इधर पेट्रोल-डीजल की कीमत पर जारी दबाव के बीच सरकार ने इसके निर्यात पर एडिशनल टैक्स का ऐलान किया है. पेट्रोल के निर्यात पर प्रति लीटर 6 रुपए, डीजल के निर्यात पर प्रति लीटर 13 रुपए की एक्सपोर्ट ड्यूटी लगाई गई है. जेट फ्यूल के लिए प्रति लीटर निर्यात में 6 रुपए की एडिशनल एक्सपोर्ट ड्यूटी लगाई गई है. इसके अलावा सरकार ने एक्सपोर्टर्स से कहा कि उन्हें अनिवार्य रूप से 50 फीसदी पेट्रोल और 30 फीसदी डीजल डोमेस्टिक बाजार में बेचने होंगे.

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डोमेस्टिक ऑयल प्रोडक्शन पर एडिशनल टैक्स

सरकार ने भारत के भीतर निकाले जाने वाले कच्चे तेल पर 23230 रुपए प्रति टन एडिशनल टैक्स भी लागू किया है. सार्वजनिक क्षेत्र की ओएनजीसी और ऑयल इंडिया लिमिटेड तथा निजी क्षेत्र की वेदांता लिमिटेड की केयर्न ऑयल एंड गैस के कच्चे तेल के उत्पादन पर कर लगाने से और 2.9 करोड़ टन कच्चे तेल के घरेलू स्तर पर उत्पादन से सरकार को सालाना 67,425 करोड़ रुपए मिलेंगे.

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