Wed. Feb 8th, 2023
कभी भी गिर सकती हैं दिल्ली की 120 इमारतें, 595 को तत्काल मरम्मत की जरूरत, पहाड़गंज में हालत सबसे खतरनाक

पिछले साल सब्जी मंडी इलाके में गिर गई थी चार मंजिला बिल्डिंग. (सांकेतिक तस्वीर)

एमसीडी (Delhi MCD) के आंकड़ों के मुताबिक उनके क्षेत्र में 25 लाख 67 हजार 445 बिल्डिंग हैं. एमसीडी के अनुसार 24 जून तक 22 लाख 11 हजार 684 बिल्डिंगों का सर्वे किया जा चुका है.

देश की राजधानी दिल्ली में मानसून की बारिश (Monsoon Rain) में हर साल बिल्डिंग गिरने की घटनाएं सामने आती हैं, जिसमें जान-माल का भी नुकसान होता है. वहीं इस साल एमसीडी (Delhi MCD) ऐसी बिल्डिंगों का सर्वे कर रही है जो कमजोर हैं. इस सर्वे में एमसीडी को दिल्ली की 120 बिल्डिंग खतरनाक स्थिति में मिली हैं, जो यह कभी भी गिर सकती हैं और बड़ा हादसा हो सकता है. वहीं सर्वे के बाद एमसीडी ने इन इमारतों के मालिकों को नोटिस जारी किया है और इस्तेमाल न करने का निर्देश जारी किया है. वहीं इनके आस-पास रहने वाले लोगों को भी सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है.

एमसीडी ने दो बिल्डिंगों की कराई मरम्मत

दरअसल एमसीडी के आंकड़ों के मुताबिक उनके क्षेत्र में 25 लाख 67 हजार 445 बिल्डिंग हैं. एमसीडी के अनुसार 24 जून तक 22 लाख 11 हजार 684 बिल्डिंगों का सर्वे किया जा चुका है. इसमें 120 बिल्डिंगों की हालत काफी खस्ता मिली है. वहीं 595 बिल्डिंगें ऐसी हैं, जिनकी तत्काल मरम्मत कराने की जरूरत है. फिलहाल एमसीडी ने दो बिल्डिंगों की मरम्मत करवाई है.

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हादसों का शिकार होते हैं लोग

एमसीडी के अधिकारियों के अनुसार पहाड़गंज क्षेत्र में सबसे अधिक बिल्डिंग खतरनाक स्थिति में पाई गईं. पिछले साल इसी क्षेत्र में सब्जी मंडी इलाके में चार मंजिला एक बिल्डिंग अचानक गिर गई थी, जिसके मलबे में दबकर दो मासूम बच्चों ने अपनी जान गंवाई थी. हालांकि दिल्ली में हर साल मानसून से पहले सर्वेक्षण में एमसीडी सैकड़ों बिल्डिंगों को खतरनाक घोषित करती है. इसी से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि पूरी दिल्ली में कितनी इमारतें खतरनाक होंगी? हालांकि फिर भी लोग उन बिल्डिंगों में रह रहे हैं.

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