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कस्टमर्स को ज्यादा ब्याज का लालच दे रहे बैंक, फ्लोटिंग रेट FD के प्रति बढ़ी दिलचस्पी

फ्लोटिंग रेट फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी.

कोरोना से पूर्व जून 2019 से ही बैंकिंग सेक्टर में लिक्विडिटी सरप्लस देखा जा रहा है. इसका बड़ा कारण था कि डिपॉजिट्स के मुकाबले बैंकों का क्रेडिट कमजोर था. पिछले कुछ महीनों में इसमें उछाल देखा गया है.

जमाकर्ताओं को लुभाने के लिए बैंक लगातार इंट्रेस्ट रेट (Deposit rates) में बढ़ोतरी कर रहे हैं. इसका बड़ा कारण सेंट्रल बैंक की तरफ से रेपो रेट में बढ़ोतरी भी है. कोरोना काल के बाद क्रेडिट में ग्रोथ (Credit growth) देखा जा रहा है, मतलब लोन की डिमांड बढ़ रही है. ऐसे में बैंक फंड इकट्ठा करने के लिए आपकी जमा पूंजी पर इंट्रेस्ट रेट बढ़ा रहे हैं. इंट्रेस्ट रेट बढ़ाकर ग्राहकों को लुभाया जा रहा है. पिछले दो महीने में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने रेपो रेट में 90 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी की है. वर्तमान में रेपो रेट बढ़कर 4.90 फीसदी हो गया है. गवर्नर दास ने मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी की बैठक के बाद मीडिया से कहा था कि महंगाई को काबू में लाने के लिए आगे भी रेपो रेट में बढ़ोतरी की जाएगी. माना जा रहा है कि अभी रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट्स की और बढ़ोतरी की जाएगी.

ऐसे में फ्लोटिंग रेट फिक्स्ड डिपॉजिट (floating rate fixed deposits) निवेश का अच्छा विकल्प है. यस बैंक ने देश के पहले फ्लोटिंग रेट फिक्स्ड डिपॉजिट प्रोडक्ट को लॉन्च किया है. इसमें फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाला इंट्रेस्ट रेट सीधा आरबीआई के रेपो रेट से जुड़ा होता है. अगर रेपो रेट में बढ़ोतरी होती है या कमी आती है तो मिलने वाला इंट्रेस्ट रेट खुद-ब-खुद बढ़ और घट जाता है. ऐसे में कस्टमर को रेपो रेट के आधार पर रिटर्न का लाभ मिलता है. फ्लोटिंग फिक्स्ड डिपॉजिट एक से तीन सालों का होता है.

कोरोना पहले से लिक्विडिटी सरप्लस

कोरोना से पूर्व जून 2019 से ही बैंकिंग सेक्टर में लिक्विडिटी सरप्लस देखा जा रहा है. इसका बड़ा कारण था कि डिपॉजिट्स के मुकाबले बैंकों का क्रेडिट कमजोर था. पिछले कुछ महीनों में इसमें उछाल देखा गया है. इकोनॉमिक टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, 20 मई के सभी बैंकों का टोटल डिपॉजिट 165.7 लाख करोड़ रुपए था. सालाना आधार पर यह 9.3 फीसदी का उछाल है. अब जब लोन डिमांड में उछाल आ रहा है और डिपॉजिट रेट्स काफी कम हैं. ऐसे में बैंक इंट्रेस्ट रेट में बढ़ोतरी कर ग्राहकों को लुभा रहे हैं.

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कौन बैंक कितना इंट्रेस्ट ऑफर कर रहा है?

वर्तमान में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का फिक्स्ड डिपॉजिट रेट 2.9 फीसदी से 6.30 फीसदी के बीच है. उसी तरह ICICI बैंक का डिपॉजिट रेट्स 2.75 फीसदी से 5.75 फीसदी के बीच है. एचडीएफसी बैंक का डिपॉजिट रेट 2.75 फीसदी से 6.50 फीसदी, कोटक महिंद्रा बैंक का डिपॉजिट रेट 2.50 फीसदी से 6.56 फीसदी और पंजाब नेशनल बैंक का डिपॉजिट रेट्स 3 से 6 फीसदी के बीच है.

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