Tue. Feb 7th, 2023
कानपुर से जुड़े हो सकते हैं उदयपुर के कन्हैयालाल के हत्यारों के तार, दावत-ए-इस्लामी की सक्रियता को देखकर शहर की बढ़ाई गई सुरक्षा

कानपुर पुलिस (फाइल फोटो)

पाकिस्तान के कट्टपंथी संगठन दावत-ए-इस्लामी (Dawat-e-Islami) के साथ कानपुर के 50 हजार से ज्यादा लोग जुड़े हैं. उदयपुर से इनपुट मिलते ही कानपुर में सतर्कता बढ़ा दी गई है.

राजस्थान के उदयपुर में कन्हैयालाल की नृशंस हत्या के बाद कानपुर शहर में भी सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है. असल में जयपुर (Jaipur) में डीजीपी ने हत्या के आरोपी पर दावते इस्लामी (Dawat-e-Islami) का सदस्य होने की जानकारी दी थी. बताया जा रहा है कि इस संगठन के लोग कानपुर (Kanpur) में भी हैं. जिसके बाद हत्या करने वालों के साथियों के कानपुर से जुड़े होने के दावा के बाद शहर में खुफिया जानकारी को अलर्ट कर दिया गया है. गौरतलब है कि एक साल पहले सूफी खानकाह एसोसिएशन के अध्यक्ष सूफी मोहम्मद कौसर हसन मजीदी ने दावते इस्लामी पर गंभीर आरोप लगाकर जांच की मांग की थी.

बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के कट्टपंथी संगठन दावत-ए-इस्लामी के साथ कानपुर के 50 हजार से ज्यादा लोग जुड़े हैं. उदयपुर से इनपुट मिलते ही कानपुर में सतर्कता बढ़ा दी गई है और इस सिलसिले में कानपुर के कमिश्नर विजय सिंह मीणा ने मातहतों के साथ बैठक भी की. जानकारी के मुताबिक यह भी पता लगाया जा रहा है कि कन्हैया लाल की हत्या करने वाले कानपुर में नहीं रहे थे या नहीं. कानपुर में 2019 में सीएए हिंसा में एसआईटी ने जांच रिपोर्ट में बताया था कि दावत-ए-इस्लामी के 50 हजार लोग कानपुर के हैं.

पाकिस्तान में दावत-ए-इस्लामी के लिए लिया गया था चंदा

सूफी खानकाह एसोसिएशन के अध्यक्ष सूफी मोहम्मद कौसर हसन मजीदी ने दावते इस्लामी ने कहा कि वह पहले ही मुख्यमंत्री और दावते इस्लामी के खिलाफ स्थानीय स्तर पर जांच की मांग कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि यह तंजीम पाकिस्तान में स्थापित हुआ था और इसके लिए कानपुर में भी चंदा एकत्रित किया गया. उन्होंने कहा कि उन्होंने दुकानों पर पारदर्शी फंडिंग बॉक्स रखकर चंदा जुटाने के भी आरोप लगाे थे. लेकिन अब उदयपुर से मिल रहे इनपुट के आधार पर खुफिया जानकारी सामने आ रही है.

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खाड़ी देशों में गैरमुस्लिमों का धर्मांतरण कराने में लिप्त है दावत-ए-इस्लामी

सूफी इस्लामिक बोर्ड के प्रवक्ता और प्रभारी सूफी मोहम्मद कौसर हसन मजीदी ने कहा कि उन्होंने आरोप लगाया था कि पाकिस्तान का संगठन दावत-ए-इस्लामी इस्लामिक खाड़ी देशों में रहने वाले गैर-मुस्लिमों का धर्मांतरण कराता है. उन्होंने कहा इसके लिए उन्होंने कई सबूत भी वीडियो के तौर पर दिए थे. वहीं उन्होंने कहा कि ये संगठन कट्टरवाद को बढ़ावा दे रहा है.

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