Wed. Feb 8th, 2023
दुनिया भर में स्टैगफ्लेशन का खतरा बढ़ा, हालांकि दबाव के बीच भी भारतीय अर्थव्यवस्था में रिकवरी कायम : RBI

घरेलू फाइनेंशियल सिस्टम में मजबूती कायम

RBI की रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल भारतीय फाइनेंशियल सिस्टम में मजबूती बनी हुई है. हालांकि उन पर दुनिया भर से मिल रहे झटकों और भू-राजनैतिक तनाव का दबाव देखने को मिल रहा है. लेकिन सिस्टम ने इस झटकों को सहने की क्षमता दिखाई है

रिजर्व बैंक के मुताबिक दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं में महामारी और रूस यूक्रेन संकट के वजह से अनिश्चितता बनी हुई है. लेकिन इन दबाव के बीच भी भारत में रिकवरी देखने को मिल रही है. रिजर्व बैंक (RBI) ने ये बात जून 2022 के लिए फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट में कही है. रिपोर्ट में केंद्रीय बैंक के गवर्नर शक्तिकांता दास ने लिखा है कि दुनिया भर की रिकवरी जो कि पहले महामारी (Covid) की कई लहरों और नए वायरस से प्रभावित हो रही थी अब सैन्य संघर्ष और देशों के द्वारा लगाए जा रहे प्रतिबंधों की वजह दबाव में आ गई है. उन्होने कहा कि हालांकि भारत में रिकवरी बनी हुई है. और फाइनेंशियल सिस्टम (Financial System) मजबूत स्थिति में है. वहीं सिस्टम में दुनिया भर के झटकों और जोखिम के खिलाफ खड़े रहने की क्षमता है. लेकिन घरेलू अर्थव्यवस्थाओं पर दुनिया भर के दबाव का असर देखने को मिल रहा है वहीं महंगाई दर भी चुनौती बन गई है.

महंगाई के दबाव से स्टैगफ्लेशन का खतरा बढ़ा

रिजर्व बैंक के गवर्नर ने कहा कि प्रतिबंधों और महंगाई से दुनिया भर में स्टैगफ्लेशन का खतरा बढ़ गया है. स्टैगफ्लैशन वह स्थिति होती है जहां महंगाई में बढ़त देखने को मिलती है लेकिन अर्थव्यवस्था सुस्त होने लगती है जिससे रोजगार पर बुरा असर देखने को मिलता है. ये स्थिति अर्थव्यवस्था के लिए काफी नकारात्मक मानी जाती है. रिजर्व बैंक गवर्नर के मुताबिक फिलहाल इस स्थिति का निकट भविष्य में कोई समाधान नजर नहीं आता ऐसे में अर्थव्यवस्थाओं को ग्रोथ पर ध्यान हटाकर महंगाई को नियंत्रित करने की जरूरत है. इसके साथ ही आर्थिक स्थिरता को भी बनाए रखने की आवश्यकता है.

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भारतीय फाइनेंशियल सिस्टम में मजबूती

वहीं उन्होने कहा कि फिलहाल भारतीय फाइनेंशियल सिस्टम में मजबूती बनी हुई है. हालांकि उन पर दुनिया भर से मिल रहे झटकों और भू-राजनैतिक तनाव का असर देखने को मिल रहा है. लेकिन सिस्टम ने इस झटकों को सहने की क्षमता दिखाई है और वो मजबूती के साथ खड़े हैं. उन्होने कहा कि मजबूत फंडामेंटल की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था में रिकवरी बनी हुई है. फाइनेंशियल सिस्टम में धन की कमी नहीं है और वो मुनाफे की तरफ वापस लौटता दिख रहा है. उन्होने कहा कि स्ट्रेस टेस्ट में साबित हुआ है कि भारतीय बैंक बड़े से बड़े दबाव को भी सहने की स्थिति में हैं. वहीं उन्होने साथ ही कहा कि केंद्रीय बैंक सोचसमझ कर ऐसे कदम उठा रहा है जो कि एक तरफ समय की जरूरत को पूरा कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ ग्रोथ को भी सहारा देने का काम कर रहे हैं. गर्वनर ने कहा कि रिजर्व बैंक और फाइनेंशियल सेक्टर के अन्य रेगुलेटर फाइनेशियल स्टेबिलिटी को सुनिश्चित करने और आर्थिक ग्रोथ को बनाने रखने के कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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