Tue. Feb 7th, 2023
धान की बंपर खरीद के बाद छत्तीसगढ़ ने बनाया केन्द्रीय पूल में चावल जमा करने का रिकॉर्ड

केंद्रीय पूल में छत्तीसगढ़ ने जमा किया रिकॉर्ड चावल.

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छत्तीसगढ़ सरकार ने अब तक केन्द्रीय पूल में 50 लाख मीट्रिक टन से अधिक चावल जमा किया. बारिश से पहले शत-प्रतिशत धान का भी हो गया उठान. इस साल सूबे में एमएसपी पर रिकॉर्ड 97.99 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है.

छत्तीसगढ़ सरकार ने खरीफ वर्ष 2021-22 के दौरान धान खरीद (Paddy Procurement) का रिकॉर्ड बनाने के बाद समितियों से धान का उठाव और केन्द्रीय पूल में चावल जमा कराने के मामले में भी कीर्तिमान बना दिया है. जून महीने के अंत तक छत्तीसगढ़ ने 50 लाख मीट्रिक टन से अधिक चावल भारतीय खाद्य निगम एवं नागरिक आपूर्ति निगम में जमा करा दिया है. वर्ष 2021-22 में 97.99 लाख मीट्रिक टन धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर रिकार्ड खरीदी के साथ ही धान का समय पर उठाव व मिलिंग बड़ी चुनौती थी. क्योंकि इतनी बड़ी मात्रा में खरीदे गए धान का सुनियोजित रूप से उठाव नहीं होता तो उनके सूखकर नुकसान होने की संभावना थी.

इसे देखते हुए धान के उठाव के लिए समय रहते छत्तीसगढ़ सरकार (Government of Chhattisgarh) ने रणनीति तैयार की. इसके प्रभावी क्रियान्वयन के फलस्वरूप खरीफ मार्केटिंग सीजन 2021-22 में राज्य में पहली बार अप्रैल-मई में ही उपार्जन केन्द्रों से शत-प्रतिशत धान का उठाव पूरा कर लिया गया है. इसके अलावा संग्रहण केन्द्रों में भंडारित लगभग 22.90 लाख मीट्रिक टन धान का भी शत-प्रतिशत उठाव बारिश से पहले जून में ही कर लिया गया है. इस प्रकार खरीफ सीजन 2021-22 में राज्य में पहली बार बारिश शुरू होने के पूर्व ही समर्थन मूल्य पर खरीदे गए शत-प्रतिशत धान का उठाव सुनिश्चित किया गया है.

इस रणनीति से कम हुआ सरकारी खर्च

खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में खरीदे गए 97.99 लाख मीट्रिक टन धान में से 75.03 लाख टन धान का उपार्जन केन्द्रों से सीधे उठाव मिलरों द्वारा किया गया, जो खरीदे गए धान का लगभग 77 प्रतिशत है. जबकि खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 में उपार्जित धान का 58 प्रतिशत, वर्ष 2019-20 में उपार्जित धान का 61 प्रतिशत एवं वर्ष 2020-21 में उपार्जित धान का 62 प्रतिशत मात्रा का उपार्जन केन्द्रों से मिलरों द्वारा सीधे उठाव किया गया था. इस प्रकार देखा जाए तो खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में उपार्जन केन्द्रों से सीधे मिलरों द्वारा धान का रिकार्ड उठाव करने के कारण परिवहन व्यय, सूखत की मात्रा एवं धान की सुरक्षा एवं रखरखाव के खर्च में भी बीते वर्षों की तुलना में कमी आई है.

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राज्य ने कितना चावल जमा किया

राज्य सरकार द्वारा धान उठाव व कस्टम मिलिंग के लिए निर्धारित व्यवस्था के चलते न केवल धान का समय पर उठाव सुनिश्चित हुआ, बल्कि कस्टम मिलिंग तेजी से हुई. जिसके कारण राज्य ने चावल जमा करने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है. अब तक भारतीय खाद्य निगम (Food Corporation of India) में लगभग 25.74 लाख मीट्रिक टन एवं नागरिक आपूर्ति निगम में लगभग 24.35 लाख मीट्रिक टन चावल जमा किया गया है. इस प्रकार कुल 50.09 लाख मीट्रिक टन चावल जमा हुआ. यहां यह बताना जरूरी है कि वर्ष 2020-21 में जून माह के अंत तक 36.56 लाख मीट्रिक टन चावल जमा किया गया था. इस वर्ष जमा कराए गए चावल की मात्रा बीते वर्ष की तुलना में लगभग 13.44 लाख मीट्रिक टन अधिक है.

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