Tue. Feb 7th, 2023
फ्री रेल सेवा का पूरा मजा लूट रहे देश के सांसद, 5 साल में बना दिया 62 करोड़ का बिल

5 साल में 62 करोड़ रुपये की मुफ्त रेल यात्रा

देश के मौजूदा सांसदों के साथ-साथ पूर्व सांसदों ने बीते 5 सालों में मुफ्त रेल सेवा को भरपूर लाभ उठाया. सूचना के अधिकार (Right to Information) से मिली जानकारी के मुताबिक देश के सांसदों ने पिछले 5 साल में 62 करोड़ रुपये की मुफ्त यात्राएं कीं.

देश के मौजूदा सांसदों के साथ-साथ पूर्व सांसदों ने बीते 5 सालों में मुफ्त रेल सेवा को भरपूर लाभ उठाया. सूचना के अधिकार (Right to Information) से मिली जानकारी के मुताबिक देश के सांसदों ने पिछले 5 साल में 62 करोड़ रुपये की मुफ्त यात्राएं कीं. आपको जानकारी हैरानी होगी कि कोरोना काल में जब पूरा देश कई तरह की समस्याओं से जूझ रहा था, उस वक्त भी सांसदों ने फ्री रेल सेवा का भरपूर लाभ उठाया. आरटीआई से मिली जानकारी में बताया गया है कि देश के सांसदों ने साल 2020-21 में करीब 2.5 करोड़ रुपये की मुफ्त रेल यात्राएं कीं.

फर्स्ट क्लास एसी में फ्री यात्रा करते हैं सांसद

नियमों के मुताबिक देश के मौजूदा सांसद ट्रेनों की फर्स्ट क्लास एसी के साथ-साथ एग्जीक्यूटिव क्लास में भी फ्री सफर कर सकते हैं. इतना ही नहीं, देश के मौजूदा सांसदों की पत्नी या पति भी कुछ शर्तों के साथ ट्रेनों में फ्री सफर कर सकते हैं. मौजूदा सांसदों के अलावा पूर्व सांसद अपने किसी एक साथी के साथ सेकेंड क्लास एसी में फ्री यात्रा कर सकते हैं. अगर कोई पूर्व सांसद अकेले यात्रा कर रहा है तो वह फर्स्ट क्लास एसी में भी फ्री सफर कर सकता है.

चंद्रशेखर गौड़ ने आरटीआई डाल मांगी थी जानकारी

मध्य प्रदेश के रहने वाले चंद्रशेखर गौड़ ने इस मामले में आरटीआई दाखिल की थी, जिसके जवाब में लोकसभा सचिवालय ने बताया कि रेलवे ने मौजूदा सांसदों की यात्रा के लिए 35.21 करोड़ रुपये और पूर्व सांसदों की यात्रा के लिए 26.82 करोड़ रुपये का बिल भेजा है. ये सभी बिल साल 2017 से लेकर 2022 तक के हैं. सचिवालय से मिले जवाब में कहा गया है कि जब साल 2020-21 में पूरा देश कोरोना के कहर से जूझ रहा था, उस वक्त के मौजूदा सांसदों और पूर्व सांसदों ने रेलवे पास का इस्तेमाल करते हुए कुल 2.5 करोड़ रुपये की मुफ्त यात्रा की. इसमें 1.29 करोड़ रुपये का बिल मौजूदा सांसदों का था जबकि 1.18 करोड़ रुपये का बिल पूर्व सांसदों का शामिल था.

2 साल से बंद पड़ी है वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली रियायत

वहीं दूसरी ओर, देश में जब कोरोना की शुरुआत हुई थी, भारतीय रेल ने तभी से वरिष्ठ नागरिकों को किराए पर दी जाने वाली छूट को रोक दिया था, जो करीब दो साल भी शुरू नहीं की गई है. रेलवे के इस फैसले के बाद से ही देश की आम जनता में काफी गुस्सा है. आधिकारिक आंकड़ों की मानें तो 20 मार्च, 2020 से लेकर 31 मार्च, 2022 तक रेलवे ने वरिष्ठ नागरिकों को किराए पर दी जाने वाली छूट को रोककर 7.31 करोड़ रुपये की बचत की थी. इस बचत में 4.46 करोड़ रुपये 60 साल से ऊपर के पुरुष यात्रियों के शामिल हैं तो 2.84 करोड़ रुपये 58 साल से ऊपर की महिला और 8310 ट्रांसजेंडर यात्रियों के शामिल हैं.

पीटीआई इनपुट्स के साथ

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