Wed. Mar 29th, 2023
बारिश के बाद अब नई समस्या का सामना कर रहे किसान, दोबारा करनी पड़ सकती है बुवाई

ज्यादा बारिश की वजह से नांंदेड के खेतों में भरा पानी.

Image Credit source: TV9 Digital

बारिश ज्यादा होने की वजह से किसानों को दोहरा नुकसान है. पहले तो महंगे बीज खराब हो गए. लोगों की लागत बेकार हो गई. अब दोबारा बुवाई करने पर न सिर्फ खर्च बढ़ेगा बल्कि फसल में देरी भी होगी. इसलिए प्रभावित किसान सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं.

महाराष्ट्र के नांदेड जिले में जहां कुछ दिनों पहले किसान बारिश के लिए तरस रहे थे वहीं अब खेतों में पानी भरने से वे परेशान हैं. ज्यादा बारिश की वजह से उनके खेतों में पानी भर गया है. जिले में किसानों ने बारिश नहीं होने से पहले ही बुवाई (Sowing) कर ली थी. पानी का जुगाड़ कर सिंचाई भी कर लिया था लेकिन अब यहां हुई मूसलाधार बारिश से जलभराव हो गया है. जिससे बीजों के खराब होने का खतरा पैदा हो गया है. जिले के हाडगांव तालुका में लगातार बारिश (Rain) होने की वजह से खेतों में पानी जमा है. खरीफ फसलों के जो बीज अंकुरित हो रहे थे वो खराब हो रहे हैं. इसके कारण फसल नहीं उग पाएगी. ज्यादा संभावना यह है कि किसानों को पानी सूखने के बाद दोबारा बुवाई करनी पड़ेगी.

किसानों ने सोयाबीन और कपास का महंगा बीज खरीदकर बुवाई की थी लेकिन उसका अब नुकसान झेलना पड़ रहा है. एक तरफ जहां बारिश होने से कई क्षेत्रों में किसानों को खुशी है तो वहीं निचले इलाकों में जल भराव की वजह से ये बारिश कुछ किसानों के लिए संकट बन गई हैं. इस साल खरीफ का सीजन (kharif season) किसानों के लिए संकट भरा नज़र आ रहा है. इसके पहले नासिक जिले में कुूछ किसानों का प्याज पानी में बह गया था. जिससे उन्हें लाखों का नुकसान हुआ था.

किन फसलों के बीजों को नुकसान?

धान की खेती छोड़ दें तो ज्यादातर फसलों की बुवाई के लिए सिर्फ खेत में नमी की जरूरत होती है. भयंकर गर्मी की वजह से खेत सूख गए थे. इसलिए किसानों को बारिश का इंतजार था. बारिश नहीं हुई इसलिए कुछ लोगों ने सिंचाई करवाकर बुवाई की. इस बीच अच्छी बारिश हो गई. जिससे खेतों में पानी भर गया.इससे किसानों को हल्दी, कपास और सोयाबीन आदि बीजों का नुकसान हुआ. बारिश लगातार हो रही है इसलिए बीज खराब हो गए हैं. किसानों की मेहनत भी बर्बाद हो गई है. किसानों की मांग है कि कृषि अधिकारी सर्वे करवाकर मुआवजा दिलवाएं.

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बारिश से पहले बुवाई करने का नतीजा

मराठवाड़ा में सबसे पहले नांदेड़ के किसानों ने खरीफ फसलों की बुवाई शुरू की थी. हालांकि, कृषि विभाग ने समय-समय पर बारिश से पहले बुवाई न करने की अपील की थी, लेकिन किसानों ने इस अपील की अनदेखी की. जिसका दुष्प्रभाव अब देखने को मिल रहा है.कुछ फसलों की बुवाई अच्छी जल निकासी वाले खेतों में ही करनी चाहिए. जिससे कि ज्यादा बारिश होने पर पानी जल्दी खेत से निकल जाए.अब बारिश ज्यादा होने की वजह से किसानों को दोहरा नुकसान है. पहले तो महंगे बीज खराब हो गए. लोगों की लागत बेकार हो गई. अब दोबारा बुवाई करने पर न सिर्फ खर्च बढ़ेगा बल्कि फसल में देरी भी होगी. इसलिए प्रभावित किसान सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं.

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