Tue. Feb 7th, 2023
महाराष्ट्र में अब व्हिप पर घमासान, एकनाथ शिंदे बोले- दो तिहाई विधायक मेरे साथ, कोई दूसरा नहीं जारी कर सकता आदेश

सीएम उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे. (फाइल फोटो)

Image Credit source: Tv9 Network

एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने इस व्हिप को मानने से इनकार कर दिया है. एकनाथ शिंदे का कहना है कि उनके पास शिवसेना के दो तिहाई विधायकों का बहुमत है. इसलिए वे व्हिप को मानने के लिए बाध्य नहीं हैं. इस बीच एकनाथ शिंदे के सभी समर्थक विधायक गोवा से मुंबई पहुंच चुके हैं.

महाराष्ट्र विधानसभा सभा अध्यक्ष के चुनाव (Maharashtra Assembly Speaker Election) से पहले एक बार फिर शिवसेना में उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुट के बीच लड़ाई छिड़ आई है. शिवसेना की ओर से व्हिप (Whip issued by shiv sena) जारी किया गया है और शिवसेना के सभी विधायकों को यह निर्देश दिया गया है कि वे कल सदन में मौजूद रहें और महा विकास आघाड़ी के उम्मीदवार राजन साल्वी को वोट दें. लेकिन एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने इस व्हिप को मानने से इनकार कर दिया है. एकनाथ शिंदे का कहना है कि उनके पास शिवसेना के दो तिहाई विधायकों का बहुमत है. इसलिए वे व्हिप को मानने के लिए बाध्य नहीं हैं. लेकिन शरद पवार ने यह कह कर पेंच बढ़ा दिया है कि पार्टी के व्हिप का पालन तो सभी विधायकों को करना जरूरी होता है. एकनाथ शिंदे गुट अपने आप को अब भी शिवसैनिक मानता है तो उन्हें पार्टी का व्हिप मानना ही पड़ेगा.

कल (3 जुलाई, रविवार) विधानसभा अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए बीजेपी के राहुल नार्वेकर और महा विकास आघाड़ी के संयुक्त उम्मीदवार विराजन साल्वी के बीच मुकाबला होना है. राजन साल्वी राजापुर से शिवसेना के विधायक हैं और राहुल नार्वेकर मुंबई से विधायक हैं. एकनाथ शिंदे के इस आक्रामक तेवर को देखते हुए अब लग रहा है कि 3 जुलाई को स्पीकर का चुनाव 10 जून को हुए राज्यसभा के चुनाव और 20 जून को हुए विधान परिषद के चुनाव की तरह ही रोचक होने वाला है.

एकनाथ शिंदे हुए आक्रामक, स्पीकर का चुनाव हो गया रोचक

एकनाथ शिंदे गुट का तर्क है कि 55 विधायकों में से 39 शिवसेना विधायक शिंदे कैंप में हैं. इसलिए व्हिप जारी करने का अधिकार उद्धव ठाकरे के कैंप को है ही नहीं. शिवसेना नेता सुनील प्रभु ने अपने अधिकार से बाहर जाकर अपनी ताकत का इस्तेमाल किया है. यह एकनाथ शिंदे के समर्थक विधायकों पर किसी भी तरह से लागू नहीं होता. वे इसे मानने को बाध्य नहीं हैं.

शिंदे सेना ही है शिव सेना, कोई और से आदेश नहीं लेना

एकनाथ शिंदे ने कहा, ‘हम बहुमत साबित करने जा रहे हैं. हमारे पास 120 और 50 यानी 170 विधायक हैं. जीत हमारी ही होगी. ‘ वे गोवा से अपने समर्थकों के साथ मुंबई की ओर निकलते वक्त पत्रकारों से बात कर रहे थे. शिंदे गुट के प्रवक्ता दीपक केसरकर ने भी कहा है कि जब दो तिहाई विधायक एकनाथ शिंदे के साथ हैं तो शिंदे सेना ही असली शिवसेना है. कोई और हमें आदेश नहीं दे सकता.

एकनाथ शिंदे गुट के विधायक बीजेपी के उम्मीदवार राहुल नार्वेकर को वोट देने वाले हैं. ऐसे में उद्धव ठाकरे ने महा विकास आघाड़ी के उम्मीदवार राजन साल्वी के समर्थन में वोट दो, वरना कार्रवाई के लिए तैयार रहो, यह संदेश दिया है. ऐसे में बहस यह है कि उद्धव ठाकरे कैंप को इस तरह का आदेश देने का अधिकार है या नहीं? शुक्रवार को उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री बनते ही उन पर कड़ी कार्रवाई करते हुए पार्टी के सारे पदों से बर्खास्त कर दिया. एकनाथ शिंदे गुट ने साफ कर दिया है कि अगर उद्धव ठाकरे ये फैसला वापस नहीं लेते हैं तो आखिरी फैसला कोर्ट की दहलीज पर ही होगा. यानी यह लड़ाई अभी लंबी चलती हुई दिखाई दे रही है. इस बीच एकनाथ शिंदे समेत उनके सभी समर्थक विधायक गोवा से मुंबई पहुंच चुके हैं.

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