Sat. Oct 1st, 2022

मोसम्बी एक मीठा फल है जो की संतरे की तरह लगता है पर दोनों के बीच एक काफी बड़ा अंतर है संतरा मोसम्बी से काफी अधिक मीठा होता है और संतरा एक संकर खट्टे फल है जो मैंडरिन फलों और पोमेलो से उत्पन्न होता है, जबकि मौसंबी विभिन्न प्रकार के खट्टे फल हैं जिन्हें अंग्रेजों के बीच स्वीट लाइम के रूप में जाना जाता है।

क्या आप जानना चाहते है की मोसम्बी खाने के क्या क्या लाभ आपके शरीर को मिलते है तो यह आर्टिकल आपके लिए है क्योकि इसमें हमने मोसम्बी से सम्भंदित जानकारिया देने की कोशिश की है जिसमे हमने मोसम्बी के फायदे ,नुकसान आदि जानकारिया दी है तो जानने के लिए आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़े |

मोसम्बी के बारें में पूरी जानकारी

इसका साइंटिफिक नाम “साइट्रस लिमेटा” है. यह निम्बू की प्रजाति का फल है. इसमें साइट्रस अम्ल अधिक पाया जाता है. सामन्यतः मौसम्बी का पेड़ 8 मीटर (लगभग 26 फ़ीट) ऊँचा होता है. यह कंटीला होता है. इसके फूल सफ़ेद रंग के होते हैं, जो कुछ समय बाद पक कर हरे, पीले गोल आकार की मौसम्बी का रूप लेते हैं. 5 से 7 साल तक की आयु में ही यह पेड़ फल देने लगता है, जो 10 से 20 वर्ष तक बहुत फल देता है.

ऐसे तो यह स्वाद में मीठा होता है, परन्तु साइट्रस प्रजाति का होने के कारण यह फल निम्बू की तरह थोड़ा खट्टा होता है. इसका जूस अत्यन्त ही स्वादिष्ट तथा पौष्टिक होता है. ताजा मौसम्बी का रस तो मीठा लगता है, परन्तु यदि कुछ समय तक यह बाहरी हवा में रह जाए तो इसका स्वाद कड़वा होने लगता है.

सामान्यतः मौसम्बी को फल से अधिक जूस के रूप में प्रयोग किया जाता है. गर्मी के मौसम में तो जगह जगह रोड पर लोग ठेले लगाते हैं, जो चिलचिलाती धूप में ताज़ा ताज़ा मौसम्बी जूस बना कर बेचते हैं. इसे शक्कर, नमक या चाट मसाला के साथ बनाया जाता है जो इसके स्वाद को कई गुना बढ़ा देते हैं.

यह विटामिन सी का स्त्रोत है. इसमें लगभग 60% तक विटामिन सी एवं बाकी 40% प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट्स तथा खनिज होते हैं. इसमें पानी भी भरपूर मात्रा में होता है. अगर आप एक मौसम्बी का रोजाना सेवन करते हैं, तो यकीन मानिए आपमें पानी की कमी की शिकायत कभी नहीं होगी. इसको खाने से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और स्फूर्ति एवं ताज़गी बनी रहती है. यह एक बार में लगभग 180 किलोजूल (43 कैलोरी) ऊर्जा प्रदान करती है.                                  

मौसम्बी में पाये जाने वाले पोषक तत्व 

घटक मात्रा प्रति 100 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट्स 9.3 ग्राम
शक्कर (ग्लूकोस) 1.7  ग्राम
फाइबर(रेशे) 0.5 ग्राम
खनिज मात्रा प्रति 100 ग्राम
कैल्शियम, Ca 40 मिलीग्राम (4%)
आयरन,Fe 0.7 मिलीग्राम (5%)
फॉस्फोरस,P 30 मिलीग्राम
पोटैशियम, K 490 मिलीग्राम
विटामिन सी  50 मिलीग्राम
फैट्स(वसा)  0.3 मिलीग्राम
प्रोटीन  0.7-0.8 मिलीग्राम
पानी  88 ग्राम

सामान्य उपयोग में इसे सामान्य ताप पर 4 से 8 हफ़्तों तक संरक्षित किया जाता है.

मौसम्बी के फायदे 

जितना स्वादिष्ट एवं सिला यह स्वाद में होता है उतना ही लाभदायी भी है. आप चाहे तो जूस, मुरब्बा, अचार, कैंडी या किसी और रूप में इसे उपयोग में ला सकते हैं. रूप चाहे जो भी हो, फायदे अनेक हैं इस फल के.

कब्ज का दुश्मन :-

मौसम्बी में मौजूद एसिड कब्ज के लिए दोषी टोक्सिन को बढ़ने नहीं देते. साथ ही साथ इसमें पाये जाने वाले फाइबर तत्व भी कब्ज की शिकायत को कम करने में में सहायक होते हैं. कब्ज की परेशानी से बचने के लिए घरों में मौसम्बी को नमक के साथ खाने की हिदायत दी जाती है.

स्कर्वी से बचाए :-

स्कर्वी, विटामिन सी की कमी से होने वाली बीमारी है. मसूड़ों में सूजन, मसूड़ों से खून आना, मुँह के छाले आदि स्कर्वी के लक्षण हैं. चूँकि मौसम्बी विटामिन सी का स्त्रोत है, इसमें विटामिन सी तथा अम्लीय तत्त्व प्रचार मात्रा में मौजूद हैं. इसीलिए इसका नियमित सेवन स्कर्वी से बचने का अचूक उपाय है.

मसूड़ों से खून आने पर मौसम्बी के जूस को पानी के साथ लगाने पर मसूड़ों से खून आना बंद हो जाता है.

श्वसन प्रक्रिया सुचारू रखे :-

मौसम्बी में पाये जाने वाले अम्ल तथा फैट्स श्वसन सम्बन्धी शिकायत को दूर करने में सहायक होते हैं. इसीलिए इसे कई प्रकार के बाम, वेपोराइजेर एवं नाक के लिए प्रयुक्त किये जाने वाले इन्हेलर्स बनाने में प्रयोग किया जाता है.

प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाये :-

मौसम्बी के नियमित सेवन से शरीर में रक्त संचार सही ढंग से होता है. सही रक्तसंचार शरीर को कई बीमारियों से बचाता है. जिससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. यह हृदय सम्बन्धी परेशानियों को भी कम करता है.

कैंसर से बचाए :-

मौसम्बी में जो लिमोनोइड्स मौजूद होते हैं. वे शक्कर (ग्लूकोस) से क्रिया कर के आसानी से पचने वाले रस में परिवर्तित होता है. यह लिमोनोइड्स विभिन्न कैंसर से लड़ने में सहायक होते हैं.

आर्थराइटिस से बचाव :

मौसम्बी या उसके रस का सेवन सूजन, जोड़ों में दर्द एवं फॉलिक एसिड की अधिकता से होने वाले आर्थराइटिस से लड़ने में सहायक होता है. इस फल का सेवन 2 प्रकार के osteoarthiritis तथा rheumatoid आर्थराइटिस के लक्षण को कम करता है.

वजन कम करें, स्फूर्ति बढ़ाये :-

मौसम्बी का सेवन शरीर को तरोताज़ा रखता है. नियमित रूप से मौसम्बी के रस को शहद तथा गुनगुने पानी के साथ पीने से शरीर का अतिरिक्त वसा कम होता है एवं शरीर में स्फूर्ति बनी रहती है. अगर आप भी वजन कम करना चाहते  हैं तो इस रसीले फल का सेवन करना शुरू कर दीजिये और इसे होने वाले रसीले फायदे आपको स्लिम, फिट एवं ऊर्जावान बनाने में आपकी मदद करेंगे.

यूरिक एसिड को कम करे :-

शरीर में बढ़ने वाले यूरिक एसिड को कम कर के यह मलमूत्र आदि से होने वाली परेशानियों से बचाता है. इसमें मौजूद पोटैशियम किडनी तथा ब्लैडर में मौजूद वात, पित्त रस को ऑक्सीडाइज करता है तथा यूरिनरी ब्लैडर में होने वाले संक्रमण से बचाता है.

त्वचा होगी चमकदार :-

शरीर में रक्त विकार के कारण चेहरे पर कील, मुहांसे की शिकायत रहती है. मौसम्बी में मौजूद सिट्रिक एसिड रक्त को स्वच्छ करता है, जिससे रक्त विकार दूर होता है एवं चेहरे से कील, मुहांसे कम होने लगते हैं. मौसम्बी का रोजाना सेवन आपकी त्वचा को चमकदार बनाता है.

पिंपल्स दूर करे :

अगर आप भी चेहरे पर बार बार होने वाले पिंपल्स से परेशान हैं और आप सभी उपाय कर के देख चुके हैं तो एक बार मौसम्बी को जरूर आजमाइये. यह पिंपल्स का सबसे बड़ा दुश्मन है. मौसम्बी को छील कर उसके गूदे को पीस कर अपने चेहरे पर 10-15 मिनट लगा कर रखिये. फिर ठन्डे पानी से चेहरा धो लीजिए. इसके नियमित उपयोग से आपकी पिम्पल की समस्या कुछ ही दिनों में छु मंतर हो जाएगी. जिससे आप हर उम्र में कह सकते हैं “अभी तो मैं जवान हूँ”.

चेहरे के दाग धब्बे हटाए :-

चेहरे पर होने वाले कील मुहांसे दाग छोड़ जाते हैं रोजाना मौसम्बी के गूदे का लेप लगाने से दाग, धब्बे, काले घेरे कम होने लगते हैं और आपकी त्वचा चमकदार तथा कांतिमय होने लगती है.

मुलायम होंठ :-

कई लोगों का होंठ सूखने की समस्या रहती है. अगर आप भी इस समय से परेशान हैं तो मौसम्बी का रस रोजन दिन में 3 से 4 बार अपने होंठो पर लगाइए और देखिये इस रसीले फल का जादू. आपके होंठ गुलाब की तरह लाल लाल नरम और मुलायम हो जाएंगे .

बालों के लिए उपयोगी :-

आजकल बाल झड़ने, रूसी, दो मुंहें बालों की समस्या आम है. मौसम्बी में विटामिन सी एवं लोहे की प्रचर मात्रा है, जो बालों के लिए आवश्यक पोषण है. इसीलिए अगर आप आपके बालों को लम्बे, घने, तथा स्वस्थ रखना चाहती हैं तो मौसम्बी का सेवन नियमित कर दीजिये. इसके गूदे को बालों की जड़ में लगाने से बाल चमकदार एवं स्वस्थ रहते हैं .

मोसम्बी जूस के फायदे 

मोसम्बी में फाइबर पाया जाता है। जो हमारे शरीर के लिए काफी लाभकारी होता है। इसके सेवन से आपकी बॉडी डिटॉक्सीफाई रहती है। इसलिए इसका सेवन आपको जरूर करना चाहिए।

विटामिन सी की करता है पूर्ति

अगर आपके शरीर में विटामिन सी की कमी है तो आप मोसम्बी के जूस का सेवन कर सकते हैं इससे शरीर को भरपूर मात्रा में विटामिन सी मिलेगा। आप चाहे तो इसे आप अपने डाइट में शामिल कर सकते हैं। इसका स्त्रोत आपके शरीर के लिए काफी अच्छा होता है।

इम्यूनिटी करता है बूस्ट

मोसम्बी में एटींऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होता है। जिसके कारण हमारी बॉडी बूस्ट होती है और इम्यूनिटी पावर बढ़ती है। कोरोना के समय में डॉक्टर का भी यही मानना है कि इसके सेवन से आपकी इम्यूनिटी स्ट्रांग हो जाएगी।

डिटॉक्सीफाई

मोसम्बी के जूस में डिटॉक्सीफाई एजेंट होता है, जो शरीर के खराब टॉक्सिन्स को खत्म करता है। इसके कारण शरीर में जमी हुई गंदगी को भी पूरी तरह से साफ करता है। जिसके कारण आपका शरीर काफी अच्छा और सेहतमंद हो जाता है।

ऑर्थराइटिस समस्या में देगा फायदा

ऑर्थराइटिस की समस्या जिन लोगों को है उन्हें मोसम्बी के जूस का सेवन दिन में 2 बार जरूर करना चाहिए इससे आपकी हड्डियों में दर्द कम हो जाएगा। वर्कआउट करने के बाद भी लोग इसका सेवन करते हैं।

मोसम्बी से नुकसान 

एसिडिटी की हो सकती है समस्या

मोसम्बी सिट्रीक फल होता है, जिसके सेवन से विटामिन सी की कमी पूर्ति होती है, लेकिन अगर आप इसका सेवन ज्यादा करेंगे, तो आपको एसिडिटी की समस्या हो सकती है। जिसके कारण आपको पाचन क्रिया में समस्या खड़ी हो सकती है।

गर्भावस्था के दौरान रहें सावधान

अगर आप गर्भवती हैं तो मोसम्बी के जूस का सेवन कम मात्रा में करें क्योंकि इसका अधिक सेवन आपके लिए हानिकारक साबित हो सकता है। जिसके कारण आपको पेट में दर्द, पेट में मरोड़ और डायरिया जैसी समस्या हो सकती है।

उल्टी की समस्या हो सकती है

वैसे तो मोसम्बी से चक्कर आना सिरदर्द जैसी समस्या खत्म होती है लेकिन अगर आपने इसका सेवन ज्यादा मात्रा में किया जो आपको उल्टी, पेट में दर्द की समस्या पैदा हो सकते हैं। ये इसलिए होता है, क्योंकि इससे आपके शरीर में विटामिन सी अधिक हो जाता है जो उल्टी की समस्या पैदा करता है।

एलर्जी हो सकती है

अगर आपको गले से जुड़ी समस्या है तो मोसम्बी के जूस का सेवन बिल्कुल भी ना करें क्योंकि इसका सेवन आपके लिए हानिकारक साबित हो सकता है क्योंकि इससे आपको एलर्जी की समस्या पैदा हो सकती है।

मोसम्बी के छिलकों के फायदे

  • मोसम्बी के छिलके से आपके दांत के दर्द में राहत मिलेगा। इसके लिए आपको मोसम्बी के छिलके को दांत के नीचे दबाकर रखना है जिसके बाद उसमें से निकला रस आपको दर्द में राहत पहुंचाएगा।
  • अगर आपके तलुओं में पसीना आता है और उसके कारण बदबू, तो इसके लिए आप छिलकों को गुनगुने पानी में डालकर अपने पैरो को उसमें डाले, और फिर सूखे कपड़े से साफ कर लें इसे आप दिन में 2-3 बार करेंगे तो आपको आराम मिल जाएगा।
  • आप चाहे तो मोसम्बी के छिलको से ग्लोइंग स्किन क्रिम भी बना सकते हैं, इसे आप मिक्सर में ग्राइंड करें, फिर उसमें दही मिलाए और दिन में एक बार जरूर लगाएं। इससे आपकी स्किन और ग्लो करेगी।

हे भगवान! इस छोटे से फल के इतने सारे फायदे. इसके आकार पर मत जाइये हुज़ूर. बस तुरंत ही इसे अपनाइए और लाभ लीजिए इस रसीले फल एवं इसके गुणों का. तो देर किस बात की बाज़ार जाइये और लाइए “ताज़ी ताज़ी रसीली मौसम्बी “.

FAQ

Q : मोसम्बी के जूस के क्या हैं फायदे ?

Ans : इससे आपकी इम्यूनिट पावर बढ़ जाती है, जिसके कारण डाइजेशन होने में आसानी होती है।

Q : मोसम्बी के जूस को पी सकते हैं खाली पेट ?

Ans : जी नहीं अगर आप इसे खाली पेट पीएगे तो इससे आपको लिवर से संबंधित समस्या उत्पन्न हो सकती है।

Q : मोसम्बी के पोषक तत्व कौन से हैं ?

Ans : इसमें कार्बोहाइड्रेट, पोटाशियम और विटीमिन सी पाया जाता है।

Q : मोसम्बी का जूस कब पीना चाहिए ?

Ans : ये जूस हो सके तो आप सुबह के समय वर्कआउट के बाद पीएं।

Leave a Reply

Your email address will not be published.