Tue. Feb 7th, 2023
ये खतरनाक ड्रोन पलक झपकते ही दुश्मन को सुला देते हैं मौत की नींद, भारत के इस कदम से चीन और पाकिस्तान में बढ़ी हलचल

ये खतरनाक ड्रोन पलक झपकते ही दुश्‍मन को सुला देते हैं मौत की नींद

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डीआरडी ने जिस मानव रहित विमान का सफल परीक्षण किया है उसकी खास बात ये टेकऑफ से लेकर लैंडिंग तक का सारा काम बिना किसी मदद के पूरा कर सकता है. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO को ऑटोनॉमस फ्लाइंग विंग डेमोंस्ट्रेटर इसके सफल परीक्षण पर बधाई दी.

कर्नाटक (Karnataka) के चित्रदुर्ग रेंज में डीआरडीओ (DRDO) ने वो करनामा कर दिखाया है, जिसे काफी समय से हर कोई देखना चाहता था. डीआरडीओ ने कर्नाटक के चित्रदुर्ग रेंज से पहली बार ऑटोनॉमस फ्लाइंग विंग टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेटर का सफल परीक्षण कर बता दिया कि उसे अब यूएवी के लिए इजराइल, रूस और अमेरिका जैसे देशों पर निर्भर नहीं रहना होगा. भले ही डीआरडीओ का ये पहला कदम रहा हो लेकिन इसने साबित कर दिया है कि भारत बहुत जल्द और अभी ताकतवर मानव रहित विमान बनाने में कामयाब होगा.

डीआरडी ने जिस मानव रहित विमान का सफल परीक्षण किया है उसकी खास बात ये टेकऑफ से लेकर लैंडिंग तक का सारा काम बिना किसी मदद के पूरा कर सकता है. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO को ऑटोनॉमस फ्लाइंग विंग डेमोंस्ट्रेटर इसके सफल परीक्षण पर बधाई दी. रक्षामंत्री ने कहा- इसके सफल होने से इस क्षेत्र में नए UAV देश में बनाए जा सकेंगे. भारत ने भले ही अपने पहले UAV का सफल परीक्षण किया हो लेकिन दुनिया में ऐसे कई खतरनक ड्रोन भी हैं जो पलक झपकते ही दुश्मन को मौत की नींद सुला देंगे.

दुनिया के पांच सबसे खतरनाक ड्रोन :-

एमक्यू-9 रीपर : एमक्यू-9 रीपर अमेरिका के एयरफोर्स के खतरनाक हथियारों में से एक है. इस ड्रोन की खास बात ये है कि यह सिंथेटिक अपर्चर रडार से लैस है. इसके जरिए एक साथ आठ लेजर गाइडेड मिसाल छोड़ी जा सकती है. अमेरिका की रॉयल एयरफोर्स की बात करें तो ये 500 प्रतिशत से अधिक पेलोड ले जा सकते हैं. ये ड्रोन 11 मीटर लंबा है और इसका वजर 2 हजार किलो से भी ज्यादा है.

क्रैटोस XQ-58 : अमेरिका वायुसेना के पास एमक्यू-9 रीपर के अलावा क्रैटोस XQ-58 ड्रोन भी मौजूद है. इस ड्रोन की खास बात है कि ये रडार की पकड़ में आने से बच सकता है. ये काफी तेज रफ्तार से उड़ान भरता है और पंख में लगी मिसाइल से दुश्मन पर सटीक हमला कर सकता है. ये अपने टारगेट पर 3 हजार मील से भी सही हमला कर सकता है. यह अधिकतम 45 हजार फीट की ऊंचाई पर भी उड़ान भर सकता है.

जनरल एटॉमिक्स MQ-20 एवेंजर: जनरल एटॉमिक्स MQ-20 एवेंजर को भी अमेरिका में तैयार किया गया है. इस ड्रोन को कुछ विशेष मिशन में इस्तेमाल किया जाता है. ये काफी तेजी से उड़ने में सक्षम है और काफी बड़े इलाके पर नजर रख सकता है. इस ड्रोन की खास बात ये है कि यह किसी भी दुश्मन को जमीन से लेकर समुद्र तक सटीक निशाना लगा सकता है. इस ड्रोन की खास बात ये है कि उड़ान भरने के लिए इसे बहुत छोटे रनवे की जरूरत होती है और 50 हजार की ऊंचाई पर भी 20 घंटे तक लगातार उड़ान भर सकता है.

विंग लूंग II: विंग लंग II को विंग लंग I का एडवांस वर्जन कहा जाता है. इस ड्रोन को चीन ने तैयार किया है और एविएशन इंडस्ट्री कॉरपोरेशन की ओर से तैयार किया गया है. ये खास ड्रोन एयरफ्रेम और एडवांस एयरबोर्न सिस्टम से लैस है. इसके हर पंख में मिसाइल लगी होती है जो दुश्मन पर सटीक हमला करने में कारगर है. इस ड्रोन की खास बात ये है कि इसमें सैटेलाइट कम्युनिकेशन एंटीना लगाया गया है जो जमीन पर मौजूद स्टेशन को जानकारी देता रहता है. ये 20 घंटे तक 370 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकता है.

ताई अक्सुंगुर: ताई अक्सुंगुर को तुर्की एयरोस्पेस ने तैयार किया है. अक्संगुर हाई पेलोड क्षमता वाला यूएवी है. इस ड्रोन को दुश्मनों के लिए किसी काल से कम नहीं समझा जाता है. इसकी खास बात ये है कि ये रात के अंधेरे में भी दुश्मन पर सटीक वार कर सकता है. इस ड्रोन की लंबाई 12.5 मीटर और पंखों की चौड़ाई 24.2 मीटर है. ये यूएवी 3300 किलो के भार के साथ उड़ान भर सकता है. इसके साथ ही ये ड्रोन 750 किलो युद्ध सामग्री ले जाने में सक्षम है.

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