Mon. Jan 30th, 2023
राज्य के भीतर आपूर्ति के लिए प्रक्रिया आसान बनाने से छोटे कारोबारियों को फायदा: गोयल

जीएसटी काउंसिल के फैसले से छोटे कारोबारियों को फायदा

जीएसटी काउंसिल के फैसले के अनुसार अब ऐसे आपूर्तिकर्ताओं जिनका वस्तुओं और सेवाओं का कारोबार क्रमशः 40 लाख रुपये और 20 लाख रुपये से कम है तो उन्हें जीएसटी पंजीकरण की जरूरत नहीं होगी. यह एक जनवरी, 2023 से लागू होगा

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य के भीतर आपूर्ति के लिए प्रक्रिया को आसान बनाने का निर्णय कंपनियों को ई-कॉमर्स से जुड़ने का मौका देगा और इससे तेजी से बढ़ते ऑनलाइन क्षेत्र में छोटे कारोबारियों को लाभ मिलेगा. जीएसटी परिषद ( GST Council) ने ई-कॉमर्स पोर्टल के माध्यम से की जाने वाली राज्य के भीतर आपूर्ति के लिए प्रक्रिया को आसान बनाने का निर्णय किया है. सरकार छोटे कारोबारियों को मदद देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, जीएसटी द्वारा लिया गया ये फैसला उन्हें तकनीक का फायदा उठाने में मदद करेगा. आज ही प्रधानमंत्री ने एक समारोह में कहा है कि सरकार छोटे कारोबारियों को मदद देने के लिए नीतियों में बदलाव कर रहे हैं. जिससे उन्हें कारोबार बढ़ाने में मदद मिले.

क्या है जीएसटी काउंसिल का फैसला

छोटे कारोबारियों को राहत देते हुए जीएसटी काउंसिल ई-कॉमर्स पोर्टल के जरिए राज्य के भीतर आपूर्ति को लेकर राहत का ऐलान किया है.
इसके तहत अब ऐसे आपूर्तिकर्ताओं जिनका वस्तुओं और सेवाओं का कारोबार क्रमशः 40 लाख रुपये और 20 लाख रुपये से कम है तो उन्हें जीएसटी पंजीकरण की जरूरत नहीं होगी. यह एक जनवरी, 2023 से लागू होगा. गोयल ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा जारी व्यापार सुधार कार्य योजना 2020 मूल्यांकन रिपोर्ट के अनावरण के मौके पर यह बात कही. उन्होंने कहा कि यह निर्णय सरकार के ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) मंच की सफलता के लिए यह तस्वीर बदल देने वाले साबित होगा. गोयल ने कहा, यह फैसला छोटे खुदरा विक्रेताओं को ई-कॉमर्स इकोसिस्टम में लाएगा. इससे हस्तशिल्प, हथकरघा, कपड़ा और छोटे खुदरा विक्रेताओं को सबसे अधिक लाभ होगा.

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छोटे कारोबारियों को विस्तार में देंगे मदद

वहीं आज एक समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने छोटे कारोबारियों के लिए नीतियों में बदलाव जारी रखने के संकेत दिए और कहा कि ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं जिससे एमएसएमई को विस्तार में मदद मिलेगी. उन्होने जानकारी दी कि एमएसएमई सेक्टर को मजबूती देने के लिए पिछले 8 साल में सरकार ने सेक्टर के लिए बजट 650 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ाया है. उन्होने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में सेक्टर की हिस्सेदारी एक तिहाई है, लेकिन ये छोटे और मध्यम उद्योग भारत की विकास यात्रा का बढ़ा आधार है.

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