Tue. Feb 7th, 2023
रुपये की गिरती कीमत पर सरकार की नजर, अन्य करेंसी के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन: वित्त मंत्री सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (File Pic)

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि सरकार देश के आयात पर रुपये की गिरती कीमत के असर को लेकर सतर्क होने के साथ निगाह रखे हुए है. सीतारमण ने कहा कि दूसरी करेंसी की तुलना में रुपये ने कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने शुक्रवार को कहा कि सरकार देश के आयात पर रुपये (Rupee) की गिरती कीमत के असर को लेकर सतर्क होने के साथ निगाह रखे हुए है. अमेरिकी डॉलर (Dollar) के मुकाबले रुपये की कीमत में पिछले कुछ महीनों में लगातार आई गिरावट के संदर्भ में सीतारमण ने कहा कि दूसरी करेंसी (Currency) की तुलना में रुपये ने कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है. सीतारमण ने एक कार्यक्रम में कहा कि रिजर्व बैंक रुपये की विनिमय दर पर बहुत करीबी निगाह रखे हुए है.

आयात पर रुपये की कीमत गिरने से असर: सीतारमण

सीतारमण ने कहा कि हम इस दुनिया में अकेले नहीं हैं. हम एक खुली अर्थव्यवस्था का हिस्सा हैं. वित्ती मंत्री के मुताबिक, अगर अन्य मुद्राओं के सामने रुपये ने डॉलर के मुकाबले कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है.

हालांकि, उन्होंने यह स्वीकार किया कि रुपये की कीमत गिरने से आयात पर तात्कालिक असर पड़ेगा और आयात ज्यादा महंगा हो जाएगा. उन्होंने कहा कि इस बात को लेकर वे काफी सतर्क और सजग हैं, क्योंकि हमारे उद्योग का बड़ा हिस्सा उत्पादन के लिए कुछ जरूरी वस्तुओं के आयात पर निर्भर करता है.

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया बुधवार को 79 रुपये के नीचे उतर गया था, जो इसका अब तक का सबसे निचला स्तर है. रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पिछले कुछ महीनों में रुपये की कीमत में लगातार गिरावट आती रही है.

रिजर्व बैंक की गुरुवार को जारी वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में भी कहा गया था कि दूसरी करेंसी की तुलना में रुपये ने डॉलर के मुकाबले में कहीं बेहतर प्रदर्शन दिखाया है. वैसे रुपये को समर्थन देने से विदेशी मुद्रा भंडार में पिछले चार महीनों में 40.94 अरब डॉलर की कमी हो चुकी है.

इसके अलावा आपको बता दें कि सरकार कच्चे तेल, डीजल, विमान ईंधन पर लगाए जाने वाले कर की हर 15 दिन में समीक्षा करेगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज ये जानकारी दी है. आज ही सरकार ने रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियों द्वारा पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन (एटीएफ) के अन्य देशों को निर्यात पर शुक्रवार को कर लगाया है. दरअसल रूस के द्वारा सस्ती दरों पर कच्चा तेल ऑफर करने के साथ भारतीय खरीदारों ने रूस से खऱीद कई गुना बढ़ा दी है और इसकी के साथ रिफायनरी प्रोडक्ट का निर्यात भी बढ़ा है.

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(भाषा इनपुट के साथ)

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