Tue. Feb 7th, 2023
सहकारिता क्षेत्र को अधिक शक्तिशाली, आधुनिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध: केंद्रीय मंत्री अमित शाह

अमित शाह ने कहा कि सरकार कई महत्वपूर्ण कदम उठाकर सहकारी क्षेत्र को अधिक शक्तिशाली, आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. (File Pic)

केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार कई महत्वपूर्ण कदम उठाकर सहकारी क्षेत्र को अधिक शक्तिशाली, आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. शाह ने उन सभी महापुरुषों के प्रति सम्मान व्यक्त किया, जिन्होंने भारत में सहकारिता के विचार को मजबूत करने के लिए अथक प्रयास किए हैं.

केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने शनिवार को कहा कि सरकार कई महत्वपूर्ण कदम उठाकर सहकारी क्षेत्र (Cooperative Sector) को अधिक शक्तिशाली, आधुनिक और पारदर्शी (Transparent) बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. शाह, जिनके पास गृह मंत्रालय भी है, ने सहकारिता के 100वें अंतरराष्ट्रीय दिवस पर लोगों को बधाई देते हुए उन सभी महापुरुषों के प्रति सम्मान व्यक्त किया, जिन्होंने भारत में सहकारिता के विचार को मजबूत करने के लिए अथक प्रयास किए हैं.

सहकारिता समावेशी विकास को साकार करने का अच्छा माध्यम: शाह

सहकारिता मंत्री ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा कि इसके साथ ही मैं उन सभी को बधाई देता हूं, जो सहकारिता क्षेत्र के जरिए गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन स्तर को ऊपर उठाने में लगे हैं.

शाह ने आगे कहा कि सहकारिता का विचार सर्व-समावेशी विकास के विजन को साकार करने का सबसे अच्छा माध्यम है. उन्होंने कहा कि सहकारिता मंत्रालय कई महत्वपूर्ण कदम उठाकर इस क्षेत्र को अधिक शक्तिशाली, आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है.

आपको बता दें कि इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा था कि सरकार देश के आयात पर रुपये की गिरती कीमत के असर को लेकर सतर्क होने के साथ निगाह रखे हुए है.

सीतारमण ने रुपये की गिरती कीमत पर दी थी सफाई

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में पिछले कुछ महीनों में लगातार आई गिरावट के संदर्भ में सीतारमण ने कहा कि दूसरी करेंसी की तुलना में रुपये ने कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है. सीतारमण ने एक कार्यक्रम में कहा कि रिजर्व बैंक रुपये की विनिमय दर पर बहुत करीबी निगाह रखे हुए है.

सीतारमण ने कहा था कि हम इस दुनिया में अकेले नहीं हैं. हम एक खुली अर्थव्यवस्था का हिस्सा हैं. वित्ती मंत्री के मुताबिक, अगर अन्य मुद्राओं के सामने रुपये ने डॉलर के मुकाबले कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है. हालांकि, उन्होंने यह स्वीकार किया था कि रुपये की कीमत गिरने से आयात पर तात्कालिक असर पड़ेगा और आयात ज्यादा महंगा हो जाएगा. उन्होंने कहा कि इस बात को लेकर वे काफी सतर्क और सजग हैं, क्योंकि हमारे उद्योग का बड़ा हिस्सा उत्पादन के लिए कुछ जरूरी वस्तुओं के आयात पर निर्भर करता है.

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(भाषा इनपुट के साथ)

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