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स्पेशियलिटी स्टील के लिए PLI स्कीम के तहत आवेदन देने की समयसीमा 31 जुलाई तक बढ़ी, 5.25 लाख रोजगार होंगे पैदा

यह चौथा मौका है जब समयसीमा बढ़ायी गयी है.

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इस्पात मंत्रालय की 29 जून को जारी अधिसूचना के अनुसार पीएलआई योजना के तहत स्पेशियलिटी स्टील के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 जुलाई, 2022 कर दी गयी है. इसके तहत आवेदन 31 जुलाई, 2022 तक दिये जा सकते हैं.

सरकार ने स्पेशियलिटी स्टील (Specialty steel) के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इनसेंटिव (पीएलआई) के तहत आवेदन देने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 जुलाई, 2022 कर दी है. यह चौथा मौका है जब समयसीमा बढ़ायी गयी है. शुरू में स्पेशियलिटी स्टील विनिर्माताओं के लिए पीएलआई स्कीम (PLI Scheme) के तहत आवेदन देने की अंतिम तारीख 29 मार्च थी. बाद में इसे बढ़ाकर 30 अप्रैल और फिर 31 मई, 2022 किया गया. इस्पात मंत्रालय की 29 जून को जारी अधिसूचना के अनुसार पीएलआई योजना के तहत स्पेशियलिटी स्टील के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 जुलाई, 2022 कर दी गयी है. इसके तहत आवेदन 31 जुलाई, 2022 तक दिये जा सकते हैं.

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में स्पेशियलिटी स्टील के विनिर्माण को गति देने के लिये पिछले साल 22 जुलाई को 6,322 करोड़ रुपए की पीएलआई योजना को मंजूरी दी थी. इस कदम से 40,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश और 5.25 लाख रोजगार सृजित होने का अनुमान है.

इस योजना का लाभ बड़े भागीदारों यानी इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट्स और छोटे भागीदारों (द्वितीय इस्पात भागीदार), दोनों को प्राप्त होगा. स्पेशियलटी स्टील मूल्यवर्धित इस्पात है जिसमें सामान्य तैयार इस्पात को उच्च मूल्यवर्धित इस्पात में परिवर्तित करने के लिए उसपर कोटिंग, प्लेटिंग, हीटट्रीटमेंट के जरिये प्रभाव डाला जाता है. जिसका प्रयोग ऑटोमोबाइल क्षेत्र, विशेषीकृत कैपिटल गुड्स इत्यादि के अलावा विभिन्न रणनीतिक अनुप्रयोगों जैसे कि रक्षा, अंतरिक्ष, ऊर्जा में किया जा सकता है.

क्या है पीएलआई स्कीम?

घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और आयात बिलों में कटौती करने के लिए, केंद्र सरकार ने मार्च 2020 में एक पीएलआई स्कीम शुरू की, जिसका उद्देश्य घरेलू इकाइयों में निर्मित उत्पादों की बिक्री में वृद्धि पर कंपनियों को प्रोत्साहन देना है. देश में पीएलआई स्कीम के लिए 13 क्षेत्रों का चुनाव किया गया है. जिसके तहत सरकार देश में मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को 1.97 लाख करोड़ का अलग-अलग मद में प्रोत्साहन देगी. भारत में विदेशी कंपनियों को आमंत्रित करने के अलावा, इस योजना का उद्देश्य स्थानीय कंपनियों को मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों की स्थापना या विस्तार करने के लिए प्रोत्साहित करना भी है.

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व्हाइट गुड्स में पीएलआई स्कीम के दूसरे चरण को मंजूरी

दो दिन पहले सरकार ने व्हाइट गुड्स सेक्टर के लिए PLI स्कीम के दूसरे चरण में 15 कंपनियों के आवेदन को मंजूरी दी. ये कंपनियां 1368 करोड़ रुपये का निवेश (Investment) करेंगी. वही अगले 5 सालों में ये कंपनियां मिलकर 25583 करोड़ रुपये का कुल प्रोडक्शन करेंगी. उनके पीएलआई स्कीम के तहत इन कंपनियों के द्वारा उत्पादन बढ़ाने की प्रक्रिया में करीब 4000 लोगों के सीधे रोजगार मिलेगा.

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