Tue. Feb 7th, 2023
13 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंची कोर सेक्टर की ग्रोथ, कोयला और क्रूड में उत्पादन बढ़ने का असर

13 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंची कोर सेक्टर की ग्रोथ

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ग्रोथ कोयला, कच्चा तेल, फर्टिलाइजर और बिजली के उत्पादन में तेजी की वजह से देखने को मिली है. एक साल पहले मई के महीने में कोर इंफ्रा सेक्टर में 16.4 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली थी

मई के महीने में कोर सेक्टर (core sector) में उत्पादन की ग्रोथ 13 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है. सरकार के द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक मई में कोर सेक्टर ग्रोथ 18.1 प्रतिशत रही है. ये ग्रोथ कोयला (coal), कच्चा तेल , फर्टिलाइजर और बिजली के उत्पादन में तेजी की वजह से देखने को मिली है. एक साल पहले मई के महीने में कोर इंफ्रा सेक्टर में 16.4 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली थी. वही इस साल अप्रैल में ग्रोथ 9.3 प्रतिशत थी. कोर सेक्टर में ग्रोथ का रिकॉर्ड अप्रैल 2021 में दर्ज हुआ था, जब कोर सेक्टर 62.6 प्रतिशत की तेजी के साथ बढ़ा था. हालांकि ये तेजी महामारी (covid) की वजह से अप्रैल 2020 में लगाई गई रोक के बाद उत्पादन घटने की वजह से दर्ज हुई थी.

कैसा रहा मई में कोर सेक्टर का प्रदर्शन

सरकार के द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार मई के महीने में कोयले का उत्पादन 25.1 प्रतिशत, कच्चे तेल का उत्पादन 4.6 प्रतिशत, रिफायनरी प्रोडक्ट्स का उत्पादन 16.7 प्रतिशत, फर्टिलाइजर का उत्पादन 22.8 प्रतिशत, सीमेंट सेक्टर का उत्पादन 26.3 प्रतिशत और बिजली का उत्पादन 22 प्रतिशत बढ़ा है. वहीं दूसरी तरफ नेचुरल गैस और स्टील का उत्पादन 7 प्रतिशत और 15 प्रतिशत घटा है. वहीं अप्रैल से मई के बीच आठ कोर सेक्टर का कुल उत्पादन में 13.6 प्रतिशत की गिरावट रही है. इकरा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा मई के महीने में कोर सेक्टर में आई तेजी पिछले साल कोविड 19 की दूसरी लहर की वजह से लो बेस इफेक्ट के कारण देखने को मिली है. यानि पिछले साल मई महीने में ग्रोथ काफी कम थी, इसलिए इस साल उत्पादन की ग्रोथ में तेज उछाल रहा है. हालांकि उन्होने कहा कि कोयला क्षेत्र में ग्रोथ लगातार बनी हुई है. पिछले साल भी कोयले का उत्पादन बढ़ा था, वहीं इस साल भी इसमें अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है. उन्होने कहा कि कोविड से पहले के समय की तुलना करें तो कोर इंडेक्स में मई 2022 के दौरान 8.1 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज हुई है.

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मई आईआईपी में 16-19 प्रतिशत की ग्रोथ संभव

वहीं नायर ने अनुमान दिया कि मई के महीने में इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन यानि आईआईपी या फैक्ट्री आउटपुट 16 से 19 प्रतिशत के बीच की ग्रोथ हासिल कर सकता है. उनके मुताबिक कोर सेक्टर में ग्रोथ से आईआईपी पर असर देखने को मिलेगा. आठ कोर सेक्टर का आईआईपी में 40 प्रतिशत से ज्यादा का हिस्सा है.

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