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Ab Uttar Chahiye: यूपी विधानसभा चुनाव में भी पीएम मोदी ने वंशवाद का मुद्दा जोर-शोर से उठाया था. राजनीतिक दलों पर नजर डाली जाए तो पीढ़ी दर पीढ़ी सियासी विरासत संभालने का सिलसिला लगातार जारी है.

अमिताभ अग्निहोत्री


| Edited By: श्वेता गुप्ता

Jul 01, 2022 | 10:27 PM




2013 में कांग्रेस मुक्त भारत के नारे से शुरू हुआ बीजेपी का चुनावी मंथन 2014 के चुनाव से पहले परिवार मुक्त राजनीति पर चिंतन करता दिख रहा है. हैदराबाद में सजे राष्ट्रीय कार्यकारिणी के शिविर में वैसे तो तमाम मुद्दे हैं लेकिन मुख्य एजेंडा दक्षिण में पार्टी के प्रदर्शन में सुधार और 2024 के मुद्दों पर धार देना है. वहीं प्रखर राष्ट्रवाद के रंग में रंगी इस कार्यकारिणी की थीम परिवार मुक्त लोकतंत्र है. यूपी विधानसभा चुनाव में भी पीएम मोदी ने वंशवाद का मुद्दा जोर-शोर से उठाया था. राजनीतिक दलों पर नजर डाली जाए तो पीढ़ी दर पीढ़ी सियासी विरासत संभालने का सिलसिला लगातार जारी है.कांग्रेस और शिवसेना से लेकर एनसीपी तक महाराष्ट्र की सियासत का यही सच है. बिहार में आरजेडी से यूपी में सपा (Samajwadi Party) तक सभी दलों में बेटे या बेटी को ही पिता की सियासी विरासत मिलती है.

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