Wed. Feb 8th, 2023
Delhi Govt School Syllabus: क्लास वाइज घटेगा दिल्ली के सरकारी स्कूलों का सिलेबस, डिप्टी CM मनीष सिसोदिया बोले- मिशन बुनियाद के तहत होगा काम

दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया.

Image Credit source: PTI-File Photo

Delhi Mission Buniyad: मिशन बुनियाद नगर निगम स्कूलों में तीसरी से पांचवीं क्लास तक और सरकारी स्कूलों में छठी से आठवीं क्लास तक के लिए अप्रैल से जून तक चलाया जाएगा.

Delhi Govt Mission Buniyad: दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के मुताबिक, राज्य सरकार ‘मिशन बुनियाद’ के तहत सिलेबस में क्लास वाइज कटौती का काम करेगी. इसके जरिए स्टूडेंट्स के लिए मूलभूत कौशल को मजबूत करने के लिए अधिक समय और अवसर पैदा किया जाएगा. दिल्ली सरकार ने फरवरी 2018 में दिल्ली और नगर निगम द्वारा चलाए जाने वाले स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के सीखने के कौशल में सुधार के लिए ‘मिशन बुनियाद’ (Mission Buniyad) शुरू करने का ऐलान किया था.

मनीष सिसोदिया ने कहा, ‘बुनियादी कौशल को मजबूत करने के लिए अधिक समय और अवसर पैदा करने के लिए क्लास वाइज सिलेबस कम किया जाएगा. टीचर्स हर बच्चे का साप्ताहिक मूल्यांकन करेंगे और स्कूल हेड उनकी प्रगति की निगरानी करेंगे.’ उन्होंने कहा, ‘स्कूलों में मिशन बुनियाद 31 अगस्त तक चलेगा और अगस्त के अंत तक समीक्षा की जाएगी. दिल्ली सरकार और एमसीडी के स्कूलों में बच्चों के सीखने के स्तर को उनके माता-पिता के साथ साझा करने के लिए जुलाई के महीने में एक मेगा पीटीएम (पैरेंट्स-टीचर्स मीटिंग) आयोजित की जाएगी.’

दो सालों में सीखने की खाई को पाटने का मिशन बुनियाद ने किया काम

मिशन बुनियाद नगर निगम स्कूलों में तीसरी से पांचवीं क्लास तक और सरकारी स्कूलों में छठी से आठवीं क्लास तक के लिए अप्रैल से जून तक चलाया जाएगा. मिशन बुनियाद कार्यक्रम के तहत बच्चों का रीडिंग स्तर का असेसमेंट होगा. इसके आधार पर उन्हें स्पेशल मिशन बुनियाद क्लास में पढ़ने के लिए भेजा जाएगा. डिप्टी सीएम सिसोदिया ने कहा, ‘मिशन बुनियाद ने महामारी के पिछले दो सालों में सीखने की खाई को पाटने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. टीचर्स और स्टूडेंट्स द्वारा किए गए प्रयासों ने DoE और MCD दोनों स्कूलों में अच्छे रिजल्ट दिखाए हैं.’

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उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष मिशन बुनियाद की क्लासेज युद्धस्तर पर आयोजित की गईं और इसके रिजल्ट भी शानदार रहा है. उन्होंने कहा, ‘हमारे स्कूलों के लाखों बच्चों को इससे फायदा हुआ है. उसके सीखने के स्तर में पॉजिटिव सुधार भी देखने को मिला है. इस काम का सारा श्रेय शिक्षा निदेशालय (DoE) और MCD के टीचर्स और स्कूल हेड्स को जाता है.’ सिसोदिया ने कहा, ‘अगर MCD और DoE इस तरह एक साथ काम करते हैं तो यह छात्रों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने में एक बड़ी मदद साबित होगा.’

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