Wed. Feb 8th, 2023
Future Group की 3 कंपनियों ने किया कर्ज भुगतान पर डिफॉल्ट, बैंकों को 30 जून तक चुकाने थे 473 करोड़ रुपये

डिफॉल्ट हुई फ्यूचर ग्रुप की 3 कंपनियां

तीनों कंपनियों में सबसे ज्यादा देनदारी फ्यूचर लाइफस्टाइल फैशंस की थी , कंपनी ने बाजार को जानकारी दी कि उसने 335 करोड रुपये के मूलधन पर डिफॉल्ट किया है, ये रकम उसे 30 जून तक चुकानी थी.

कर्ज के बोझ से दबे फ्यूचर ग्रुप की 3 कंपनियों ने बैंको के 473 करोड़ रुपये के भुगतान पर डिफॉल्ट (Default) कर दिया है. ग्रुप की ये तीनों कंपनियां फ्यूचर एंटरप्राइजेस (Future Enterprises), फ्यूचर कंज्यूमर और फ्यूचर लाइफस्टाइल फैशन को वन टाइम रेजोल्यूशन प्लान के तहत बैंकों के एक कंसोर्शियम को ये भुगतान करना था, हालांकि तीनों कंपनियां 30 जून की समयसीमा तक भुगतान करने में विफल रहीं. तीनों कंपनियां लिस्टेड कंपनियां हैं. कंपनियों ने शेयर बाजार को इस डिफॉल्ट की जानकारी पहली जुलाई को दी. कंपनियों के मुताबिक इस रकम में टर्म लोन, वर्किंग कैपिटल लोन और परचेज बिल शामिल हैं. हालांकि कंपनियों ने तय तिथि तक कर्ज के ब्याज का भुगतान कर दिया है. कर्ज बोझ बढ़ने के वजह से ही फ्यूचर ग्रुप ने रिलायंस इंडस्ट्री (RIL) के साथ डील की थी. इस डील में ये तीनों कंपनियां भी शामिल थीं, हालांकि अमेजन के साथ विवाद लंबा खिंचने से रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इस डील से हाथ खींच लिए.

कितना करना था कंपनियों को भुगतान

तीनों कंपनियों में सबसे ज्यादा देनदारी फ्यूचर लाइफस्टाइल फैशंस की थी , कंपनी ने बाजार को जानकारी दी कि उसने 335 करोड रुपये के मूलधन पर डिफॉल्ट किया है, ये रकम उसे 30 जून तक चुकानी थी. मूलधन में 3.27 करोड़ रुपये का टर्म लोन, 72.25 करोड़ रुपये का वर्किंग कैपिटल टर्म लोन, 208 करोड़ रुपये के पर्चेज बिल और 51.46 करोड़ रुपये के फंडेड इंट्रेस्ट टर्म लोन हैं. फंडेड इंट्रेस्ट लोन किसी मौजूदा लोन को चुकाने के लिए दिये जाने वाले लोन है. हालांकि फ्यूचर ग्रुप की प्रमुख फैशन कारोबार कंपनी फ्यूचर लाइफस्टाइल ने जानकारी दी कि इन सभी दी गई फैसिलिट के लिए 30 जून 2022 तक के ब्याज का भुगतान किया जा चुका है. कंपनी के पोर्टफोलियों में फैशन से जुड़े करीब दर्जन भर ब्रांड हैं. वहीं फ्यूचर एंटप्राइजेस ने जानकारी दी कि उसने ओटीआर योजना के तहत नॉन कन्वर्टिबल डिबेंचर के मूलधन के भुगतान पर डिफॉल्ट किया है. इस रकम में 98.35 करोड़ रुपये का मूलधन और 27.78 करोड़ रुपये का टर्म लोन शामिल है. वहीं फ्यूचर कंज्यूमर ने कुल 17.2 करोड़ रुपये के भुगतान पर डिफॉल्ट किया है.

RIL से डील का हिस्सा थीं तीनों कंपनियां

ये तीनों कंपनियों रिलायंस फ्यूचर डील का हिस्सा थीं, इस डील में ग्रुप की कुल 19 कंपनियां शामिल थीं जो कि रिटेल, होलसेल, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेग्मेंट से जुड़ी हैं. अगस्त 2020 में हुई इस 24 713 करोड़ रुपये की डील के अनुसार इन कंपनियों को रिलायंस रिटेल में ट्रांसफर होना था, हालांकि अमेजन के साथ विवाद की वजह से RIL सौदे से हट गई, जिससे फ्यूचर ग्रुप की कंपनियों की मुश्किलें और बढ़ गईं. फ्यूचर ग्रुप की कई कंपनियां रिजर्व बैंक के द्वारा 6 अगस्त 2020 को जारी सर्कुलर के नियमों के तहत बैंकों के कंसोर्शियम के साथ वन टाइम रिजोल्यूशन योजना में शामिल हुई हैं. इस योजना के तहत कर्ज के बोझ में दबी कंपनियों को राहत देने के लिए उनके कर्ज को एक बार रीस्ट्रक्चर किया जाता है जिससे उन्हें कर्ज चुकाने में कुछ राहत मिले.

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