Mon. Jan 30th, 2023
IND VS ENG: रोहित शर्मा बाहर, अब विराट कोहली करेंगे प्रहार, एजबेस्टन में शतक का सूखा खत्म होने वाला है, जानिए क्यों?

विराट कोहली ने पिछला शतक 2019 में लगाया था

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विराट कोहली (Virat Kohli) ने 2018 में एजबेस्टन में शतक जड़ा था, मगर उस शतक के बाद से ही कोहली के लिए सब कुछ बदल गया. करीब पिछले 3 साल से तो उनके बल्ले से एक भी शतक नहीं निकल पाया.

विराट कोहली (Virat Kohli) शुक्रवार को एजबेस्टन में इंग्लैंड के खिलाफ 5वें टेस्ट मैच में एक्शन में नजर आएंगे. कोहली करीब 4 साल बाद इंग्लैंड में अपने पसंदीदा मैदान पर वापसी करेंगे और उनकी कोशिश अपने शतक के सूखे को समाप्त करने की होगी. रोहित शर्मा कोरोना की चपेट में आने के कारण पहले ही इस टेस्ट मैच से बाहर हो गए हैं. केएल राहुल भी चोट के कारण भारत के इंग्लैंड दौरे का हिस्सा नहीं है. ऐसे में टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ी कोहली पर बल्लेबाजी खेमे को संभालने की जिम्मेदारी है. हालांकि कोहली जब पिछली बार इस मैदान पर खेले थे, तब से अब तक काफी कुछ बदल गया है.

पिछली बार कोहली ने जड़ा था शतक

2018 में वो यकीनन दुनिया के बेहतरीन बल्लेबाज थे. जो मनोरंजन के लिए शतक जड़ते थे. हालांकि अब चीजें वैसी नहीं रही. एजबेस्टन में कोहली ने पिछला और एकमात्र टेस्ट मैच अगस्त 2018 में खेला था. हालांकि उस मैच में भारतीय टीम को 31 रन से हार मिली थी, मगर तत्कालीन भारतीय कप्तान ने उस मैच में पहली पारी में 149 रन और दूसरी पारी में 51 रन जड़े थे. हालांकि चीजें कोहली के लिए अब बदल गई हैं. एजबेस्टन टेस्ट से पहले कोहली के नाम 21 शतक थे, मगर उसके बाद से उन्होंने पिछले 4 सालों में सिर्फ 5 शतक जड़े. करीब पिछले 3 सालों में कोहली एक भी शतक नहीं लगा पाए. उनके बल्ले से पिछला शतक 2019 में बांग्लादेश के खिलाफ निकला था.

एजबेस्टन टेस्ट 2018 तक टेस्ट में कोहली का रिकॉर्ड

मैच: 67
रन: 5754
औसत: 54.28
शतक: 22
अर्धशतक: 17
डक: 6

एजबेस्टन टेस्ट 2018 से अब तक कोहली का टेस्ट में रिकॉर्ड

मैच: 34
रन: 2289
औसत: 41.61
शतक: 5
अर्धशतक: 11
डक: 8

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कोहली के ऊपर अधिक जिम्मेदारी

एजबेस्टन में कोहली भले ही टीम की अगुआई नहीं कर रहे हो, मगर उनके ऊपर काफी जिम्मेदारी है. भारतीय टीम रोहित के बिना मैदान पर उतर रही है. रोहित और राहुल जैसे अनुभवी खिलाड़ी टीम में नहीं है. कप्तानी भी जसप्रीत बुमराह कर रहे हैं, जो पहली बार टीम की अगुआई कर रहे हैं. ऐसे में पूर्व कप्तान और सीनियर खिलाड़ी होने के नाते कोहली पर बल्लेबाजी विभाग को संभालने की जिम्मेदारी है. साथ ही रणनीति बनाने में बुमराह की मदद करने की भी जिम्मेदारी होगी.

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