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Irani Chai: हैदराबाद में ईरानी चाय पर पॉलिटिक्स: जानिए ईरान से हैदराबाद कब पहुंची यह चाय और कितनी अलग है

हैदराबाद की ईरानी चाय एक बार फ‍िर चर्चा में है.

Image Credit source: TV9 GFX

Irani Chai: यूं तो हैदराबाद की ईरानी चाय देशभर में फेमस है, लेकिन एक बार फिर इसकी चर्चा शुरू हो गई है. वजह है, भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक. जानिए, ईरानी चाय हैदराबाद कैसे पहुंची, यह दूसरी चाय से कितनी अलग है और क्या है इसका इतिहास…

यूं तो हैदराबाद (Hyderabad) की ईरानी चाय देशभर में फेमस है, लेकिन एक बार फिर इसकी चर्चा शुरू हो गई है. वजह है, भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक. इस बैठक के लिए कई भाजपा नेता वहां पहुंचे हैं. तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) के मंत्री टी रामा राव ने भाजपा नेताओं पर तंज कसते हुए कहा, यहां रहते हुए हैदराबाद बिरयानी और ईरानी चाय (Irani Chai) का स्वाद जरूर चखें. हैदराबाद में इस चाय का खासा क्रेज है.ईरानी (Iran) चाय बेशक ईरान से आई है, लेकिन इसका हैदराबाद से क्या कनेक्शन है, इसे समझने की जरूरत है.

ईरानी चाय हैदराबाद कैसे पहुंची, यह दूसरी चाय से कितनी अलग है और क्या है इसका इतिहास, जानिए इन सवालों के जवाब

ईरान से हैदराबाद ऐसे आई यह खास चाय

इतिहास खंगालेंगे तो पाएंगे कि हैदराबाद और ईरान का एक खास कनेक्शन रहा है. केवल ईरानी चाय ही नहीं कई ऐसी चीजें हैं जो ईरान और हैदराबाद को जोड़ती हैं. इतिहासकारों का कहना हैं, 16वीं सदी में ईरान के कुली कुतब शाह अपने शाही घराने के साथ दिल्ली पहुंचे और यहां आने के बाद दक्षिण का रुख किया. इसी के साथ ही उनकी संस्कृति, खानपान, शिल्प कला और भाषा हैदराबाद तक पहुंची. हैदराबाद के निजाम यहां के लोगों को आगा साहब कहकर बुलाते थे. जब ईरानी भारत आए तो सिर्फ चाय ही नहीं यहां कई और खास तरह की डिश की शुरुआत हुई. जैसे- अवाश हलीम.

Irani Tea

कुछ ऐसी नजर आती है ईरानी चाय. फोटो साभार: शेफ संजीव कपूर

यह चाय कितनी अलग है?

यह चाय स्वाद के मामले में दूसरी चाय से काफी अलग होती है क्योंकि इसे बनाने के लिए दूध को देरतक गर्म किया जाता है और उसमें क्रीमी टेक्सचर आने तक उबाला जाता है. इसके बाद इसमें चायपत्ती, पानी और शुगर मिलाया जाता है. लेकिन इस चाय के स्वाद में बड़ा बदलाव तब आता है जब इसमें, मलाई, खोया या मावा शामिल किया जाता है. यही बात इसे दूसरे चाय से अलग बनाती है.

इसे बनाते कैसे हैं अब इसे भी समझ लेते हैं

शेफ संजीव कपूर के मुताबिक, इसे बनाने के लिए पहले दूध को उबालते हैं और उसे गाढ़ा होने तक धीमी आंच में पकाते रहते हैं. इसमें बाद इसमें अपने स्वाद के मुताबिक शक्कर डालते हैं. अब एक अलग पैन में पानी डालते हैं और उबलने पर चायपत्ती डालते हैं. इस तरह चाय का पानी तैयार होता है. इसे छान कर अलग कर लें और बिना ठंडा किए इसमें वो गाढ़ा किया दूध मिलाएं. ऊपरी से मलाई डालें. बस तैयार है आपकी ईरानी चाय.

हैदराबाद आने वाले पर्यटकों के साथ स्थानीय लोग भी इस चाय का खास लुत्फ उठाते हैं. हालांकि कई जगह ईरानी चाय के साथ प्रयोग भी किया जा रहा है और इसमें कुछ मसालों का इस्तेमाल भी हो रहा है. हालांकि यह आप पर निर्भर है कि परंपरागत ईरानी चाय पीना चाहते हैं या नई ईरानी चाय.

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