Mon. Jan 30th, 2023
Jharkhand: सरकारी स्कूलों में आज से नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत, फिर भी बिना किताब पढ़ाई कर रहे 38 लाख छात्र; ये है बड़ी वजह

सरकारी स्कूल के छात्र-छात्राएं (फाइल फोटो)

Image Credit source: PTI

झारखंड (Jharkhand) में शिक्षा विभाग ने नया सत्र शुरू तो करवा दिया पर अभी तक छात्र छात्राओं को किताबें नहीं मिल पाई हैं. बिना किताबों के ही नया शैक्षिक सत्र शुरू कर दिया गया है.

झारखंड (Jharkhand) की राजधानी रांची में सरकारी स्कूलों में नए सत्र 2022 -23 का शुभारंभ आज यानि कि दो जुलाई से शुरू हो चुका है. जहां स्कूलों में पढ़ाई सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक होगी. ऐसे में सरकारी प्रारंभिक विद्यालयों मे पढने वाले बच्चें शैक्षणिक सत्र में अपनी अपनी नई कक्षाओं में पढ़ाई करने पहुंच रहे हैं. इनमें से 38 लाख से अधिक बच्चों के पास किताबें पढ़ने के लिए नहीं है. वहीं, अब तक प्रदेश के 45,32,019 छात्र-छात्राओं में से महज 7,01,282 बच्चों को ही किताबें मिली हैं. हालांकि, इसका खुलासा ई विद्या वाहिनी में पाठ्यपुरस्तक बांटने का खुलासा रिपोर्ट से हुआ है.

दरअसल, किताब को लेकर शिक्षा महकमा में अभी कोई सुगबुगाहट शुरु नहीं हुई है. वहीं, स्कूलों में पहली से आठवीं क्लास के सभी बच्चों और नौवीं-10वीं की छात्राओं को फ्री किताबें बांटनी है. ऐसे में किताबें डिस्ट्रीब्यूटर से प्रखंडों और स्कूलों में पहुंच गई है. जहां नए शैक्षिक सत्र शुरू होने से पहले जून तक हर हाल में इसको बांट लिया जाना था. हालांकि, राज्य में 2022-23 का सत्र एक जुलाई 2022 से 31 मई 2023 तक चलना है. ऐसे में किताबें रहने के बावजूद समय पर न मिलने से पढ़ाई प्रभावित होने की काफी संभावना है.

बच्चों को अभी तक नहीं मिल पाईं किताबें

वैसे तो झारखंड में शैक्षिक सत्र शुरू होते ही बच्चों के बस्ते में नई किताबें पहुंच जानी चाहिए थीं. हैरानी की बात है कि नया सत्र शुरू होने के बावजूद बच्चे और उनके अभिभावक किताबों के आने का इंतजार कर रहे हैं. वहीं, झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो (Jagarnath Mahto) का कहना है कि’दो जुलाई से नया सत्र शुरू हो रहा है. ऐसे में सभी नामांकित बच्चों को किताबें मिलेंगी. इस दौरान सभी डीईओ-डीएसई को निर्देश दे रहे हैं कि एक हफ्ते में सभी बच्चों को किताबें उपलब्ध कराई जाए. हालत ये है कि कहने के लिए तो सरकार और शिक्षा विभाग का भी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने पर जोर है पर सवाल उठता है कि अगर बच्चों के पास किताबें इतना लेट पहुंचेगी तो उनका कितना नुकसान होगा.

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छठवीं क्लॉस के बच्चों के रजिस्ट्रेशन के साथ मिलेंगी किताबें

बता दें कि, पहली से चौथी क्लॉस के बच्चे प्रमोट होने के साथ दो जुलाई से ही अपनी पढ़ाई शुरू कर सकेंगे. इसमें पांचवीं के बच्चों का मिडिल स्कूल के छठी क्लास में रजिस्ट्रेशन कराना होगा. इन बच्चों को नामांकन के साथ किताबें भी दी जाएंगी. इसकी तरह आठवीं-नौवीं के छात्रों की परीक्षाएं चल रही हैं. जहां सात से 11 जुलाई तक परीक्षाएं चलेंगी. इसके बाद छात्र-छात्राओं को किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी.

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