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Maharashtra Politics: उद्धव ने कहा- मेरा गुस्सा मुंबई के लोगों पर मत निकालो, शिंदे-फडणवीस ने कहा- आरे में ही शिफ्ट होगा मेट्रो कार शेड

सीएम एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे.

Image Credit source: (फाइल फोटो)

शिंदे-फडणवीस की सरकार के सत्ता में आते ही बड़े अहम फैसले लिए गए हैं. उन्होंने आरे में ही मेट्रो कार शेड बनाने के निर्देश दिए हैं. ऐसे में उद्धव ठाकरे ने प्रेस कांफ्रेंस कर इसपर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि मेरा गुस्सा मुंबई के लोगों पर मत निकालो.

महाराष्ट्र (Maharashtra) में उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद शिवसेना के बाकी नेता एकनाथ शिंदे सीएम पद की शपथ ले चुके हैं. वहीं, देवेंद्र फडणवीस अब डिप्टी सीएम हैं. शिंदे-फडणवीस के सत्ता में आते ही मेट्रो कार शेड प्रोजेक्ट चर्चा में आ गया है. शिंदे सरकार ने इसपर बड़े अहम फैसले लिए हैं. उन्होंने आरे में ही मेट्रो कार शेड बनाने के निर्देश दिए हैं. ऐसे में उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस कर इसपर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा किमेरा गुस्सा मुंबई के लोगों पर मत निकालो. मेट्रो शेड के प्रस्ताव में बदलाव न किया जाए. मुंबई के पर्यावरण के साथ खिलवाड़ न करें. उद्धव ने नई सरकार से कहा है कि मेट्रो कार शेड बनाने के लिए फिर आरे का रुख न करे. वहीं, डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हम उचित निर्णय लेंगे. उद्धव ठाकरे के सम्मान और मुंबईवासियों के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेंगे.

आपको बता दें, 2015 से शिवसेना इस प्रोजेक्ट को आरे कॉलोनी से हटाकर दूसरे स्थान पर ले जाने की मांग कर रहा थी. साल 2019 में उद्धव ठाकरे ने सीएम बनते ही मेट्रो कार शेड पर रोक लगा दी थी. इसके बाद उन्होंने इस प्रोजेक्ट को कांजुरमार्ग पर शिफ्ट कर दिया था. शिवसेना का कहना रहा है कि आरे में मेट्रो कार शेड बनने से पेड़ काटे जाएंगे. वहीं, बीजेपी अबतक मानती है कि आरे ही एक मात्र वो जगह है, जहां निर्धारित लागत और तय समय के अंदर मेट्रो शेड का निर्माण किया जा सकता है.

क्या है आरे कार शेड मामला

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2016 में रही फडनवीस सरकार ने मेट्रो तीन के कारशेड का निर्माण आरे में किए जाने का निर्णय लिया था, लेकिन राज्य की सत्ता में सहभागी शिवसेना ने उस वक्त इसका विरोध किया था. पर्यावरण हानि का दावा करते हुए आरे कारशेड का दावा कोर्ट तक पहुंचा, लेकिन उस समय फडनवीस के निर्णय को मान कर कारशेड निर्माण शुरू रहा. इस दौरान करीब 2 हजार पेड़ काटे भी गए. राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद शिवसेना के आते ही आरे को रद्द कर कांजुरमार्ग में कारशेड बनाने का निर्णय हुआ, लेकिन मामला अब तक अदालत में अटका है. अब फडनवीस की सरकार के लौटते ही उन्होंने बड़े ऐलान किए हैं. वर्तमान की शिंदे-फडणवीस सरकार ने राज्य के महाधिवक्ता को निर्देश दिया है कि आरे में ही मेट्रो कार शेड बनाया जाएगा. इस संबंध में सरकार का पक्ष कोर्ट के सामने पेश किया जाए.

‘ग्रीन लंग ऑफ मुंबई’ कहलता है आरे

दरअसल, हरियाली की वजह मुंबई शहर के आरे को ‘ग्रीन लंग ऑफ मुंबई’ कहते हैं. यहां पर लगभग 5 लाख पेड़ हैं. शिवसेना के मुताबिक, आरे में मेट्रो शेड के चलते कई पेड़ों का काटा जाएगा, जो ठीक नहीं है. जिसको लेकर शिवसेना लगातार विरोध करती आई है.

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