Wed. Feb 8th, 2023
Makhana Farming: अब यूपी में भी हो रही मखाना की खेती, लाखों की कमाई कर रहे किसान

किसानों ने हरदोई में शुरू की मखाना की खेती.

Image Credit source: TV9 Digital

हरदोई जिले के गांव सेमराखुर्द निवासी किसान रामजीवन का कहना है कि मखाना की खेती से प्रति एकड़ लगभग 4 लाख रुपये की कमाई हो रही है. इसकी खेती में लागत कम और मुनाफा अच्छा है. किसी खाद की आवश्यकता नहीं होती.

स्वाद और पौष्टिक गुणों से भरपूर मखाना किसानों की आर्थिक सेहत भी दुरुस्त कर रहा है. मखाना उत्पादन के लिए वैसे तो बिहार मशहूर है लेकिन उत्तर प्रदेश के किसान भी इस पर मेहनत कर रहे हैं. हरदोई जिले में मखाना की खेती (Makhana Farming) किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है. यूपी में इसकी खेती से किसान 4 लाख रुपये प्रति एकड़ तक की कमाई कर रहे हैं. इसकी बेल को घसीटा, कमल ककड़ी, भसीड़ा और मुराल नाम से भी जाना जाता है. इसकी फसल के लिए बीज और बेड़ दोनों डाली जाती है. बिहार के दरभंगा जिले से शुरू हुई यह खेती पूर्णिया, कटिहार, सहरसा से होते हुए उत्तर प्रदेश, बंगाल, असम, उड़ीसा, जम्मू-कश्मीर, मणिपुर और मध्य प्रदेश के ज्यादातर जिलों में पहुंच चुकी है.

हरदोई के जिला उद्यान अधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि यह फसल लगभग 5 महीने में तैयार हो जाती है. दिसंबर-जनवरी में इसकी बुवाई की जाती है. प्रति हेक्टेयर 80 किलोग्राम मखाना बीज बोया जाता है. फल आने से पहले नील कमल खिलता है. दो महीने में यह फलों में परिवर्तित हो जाता है. हर फल में 20 बीज निकलते हैं. इसे स्थानीय भाषा में गोरिया कहा जाता है. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के किसान ज्यादातर दरभंगा से बीज लाकर खेती कर रहे हैं. मखाना कमल के फूल के अलावा पानी घास से भी पैदा किया जाता है. कुरूपा घास बिहार में उथले पानी में पाई जाने वाली घास है. उत्तर प्रदेश के किसान ज्यादातर कमल के फूल से मखाना पैदा करते हैं.

मखाना का कितना लाभ

भारत में तकरीबन 20 हजार हेक्टेयर खेत में मखाने की खेती की जा रही है. सरकार इसकी खेती को प्रोत्साहन देने के लिए 7 साल के लिए पट्टे पर जगह दे रही है. बैंक भी मखाना उत्पादकों को सब्सिडी दे रहे हैं. स्वास्थ्य के लिहाज से मखाना खाने के लाभ (Benefits of Makhana) क्या हैं ? इसकी जानकारी डॉ. शेर सिंह ने दी. उन्होंने बताया कि मखाना स्वाद के साथ-साथ पौष्टिक भी है. गर्भवती महिलाओं के लिए मखाने का सेवन फायदेमंद होता है. यह पाचन शक्ति बढ़ाने वाला है. मखाना एंटीऑक्सीडेंट भी है. मखाने का इस्तेमाल सांस की समस्या, पाचन शक्ति, मूत्र विकार और शारीरिक कमजोरी से जुड़ी बीमारियों को ठीक करने में सहायक है.

ये भी पढ़ें



मखाना की खेती से कितनी कमाई

हरदोई के गांव सेमराखुर्द निवासी रामजीवन मखाने की खेती कर रहे हैं इनका कहना है कि मखाने की खेती से एक एकड़ में लगभग 3 से 4 लाख की कमाई होती है. यहा अन्य परंपरागत खेती (Traditional Farming) से बेहतर है. इस खेती में किसी खाद की आवश्यकता नहीं होती. लागत बहुत कम आती है. इसकी खेती करने से उन्हें काफी मुनाफा हुआ है. अब आसपास के किसान भी मखाने की खेती कर रहे हैं. इसके फलों को बेचने के लिए बाजार खोजना नहीं पड़ता. खरीदार स्वयं आकर संपर्क कर फल खरीद कर ले जाते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *