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MV Princess Miral: डूब चुके विदेशी पोत से तेल रिसाव का ख़तरा, संभावित समुद्री प्रदूषण से निपटने के लिए तटरक्षक बल चला रहा अभियान

डूब चुका विदेशी पोत एमवी प्रिंसेज़ मिराल

Image Credit source: ANI

भारतीय तटरक्षक बलों (Indian Coast Guards) ने डूब चुके विदेशी पोत एमवी प्रिंसेज़ मिराल (MV Princess Miral) से तेल के रिसाव के ख़तरे को देखते हुए एक अभियान शुरु किया है.

भारतीय तटरक्षक बलों (Indian Coast Guards) ने डूब चुके विदेशी पोत एमवी प्रिंसेज़ मिराल (MV Princess Miral) से तेल के रिसाव के ख़तरे को देखते हुए एक अभियान शुरु किया है. यह अभियान समुद्र में होने वाले प्रदूषण से बचने के लिए चलाया गया है जिसमें छह पोतों और दो विमानों का इस्तेमाल किया जा रहा है. कर्नाटक तटरक्षक कमांडर और डिप्टी महानिरीक्षक एसबी वेंटकटेश ने एक प्रेस रिलीज में कहा कि तेल के फैलने की समस्या से निपटने के लिए पोत के डूबने वाले क्षेत्र की मॉनिटरिंग और मैपिंग की जा रही है.

प्रेस रिलीज के मुताबिक़ छह पोतों और दो डोर्नियर विमानों के अलावा स्थानीय संसाधन एजेंसियों के दो जहाजों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि डूब चुके पोत में 220 टन ईंधन होने की सूचना है. उन्होंने आगे कहा कि तटरक्षक बल स्टेट एडमिनिस्ट्रेशन, पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, न्यू मंगलूरू पोर्ट ऑथोरिटी, मंगलूरू रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल लिमिटेड के साथ को-ऑर्डिनेशन में बड़े स्तर पर तेल रिसाव के किसी भी ख़तरे को रोकने की हर संभव कोशिशें की जा रही है.

डिप्टी इंस्पेक्टर बीएस वेंटकटेश ने बताया कि – अबतक ख़राब इंजन और गंदे पानी की टंकियों से ही तेल रिसाव के संकेत मिले हैं. उन्होंने बताया कि निगरानी के लिए एक प्रदूषण कंट्रोल पोत आईसीजीएस समुद्र पावक (ICGS Samudra Pavak) पोरबंदर से रवाना हो गया है जिसके शनिवार सुबह तक पहुंचने की उम्मीद है. उन्होंने बताया कि ख़तरे से निपटने के लिए क्षेत्र की बारीकी से निगरानी की जा रही है.

32 साल पुराना था पोत

ग़ौरतलब है कि एक 32 साल पुरानी विदेशी पोत जो चीन के तियानजेन (Tianjen) से लेबनान जा रही थी – दो दिन पहले पानी भर जाने की वजह अरब सागर में न्यू मंगलूरू के पास डूबने लगा था। बाद में यह पूरी तरह डूब गया जिसमें 15 सिरायाई क्रू सवार थे. सभी सवार लोगों को भारतीय तटरक्षक बलों ने रेस्क्यू किया था. 23 जून को वेदिशी पोत पूरी तरह से पानी में समा गया था.

एक स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ एक सिंगापुर स्थित प्राइवेट कंपनी पोत के डूबने की वजहों और पोत का क्या किया जा सकता है – पता लगा रही है. इस बारे में स्थानीय अधिकारियों और तटरक्षक बल के अधिकारियों और कुछ अन्य अधिकारियों के साथ मीटिंग भी हुई है. इनके अलावा फिशरीज़ डिपार्टमेंट को भी इस बारे में जानकारी दी गई है और मछुआरों को क्षेत्र में जाने से रोकने का निर्देश दिया गया है.

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