Wed. Feb 8th, 2023
NEET Exams, Chennai: नीट की तैयारी कर रहे ऑटो ड्राइवर के बेटे ने की आत्महत्या, पिछले कुछ सालों में 20 से ज़्यादा स्टूडेंट्स ने किया सुसाइड

NEET की तैयारी कर रहे ऑटो ड्राइवर के बेटे ने की आत्महत्या

Image Credit source: फाइल

NEET Exams से कुछ सप्ताह पहले एक ऑटो-ड्राइवर के बेटे ने आत्महत्या कर ली है. मामला तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई का है. NEET मेडिकल कॉलेज में नामांकन के लिए एक एक National Eligibility Entrance Test है.

NEET Exams से कुछ सप्ताह पहले एक ऑटो-ड्राइवर के बेटे ने आत्महत्या कर ली है. मामला तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई का है. NEET मेडिकल कॉलेज में नामांकन के लिए एक एक National Eligibility Entrance Test है. 18 वर्षीय युवक ने आत्महत्या से पहले अपने परिवार के लिए एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया जिसमें कथित रूप से उसने कहा कि “मैं हासिल नहीं कर सकता, मैं सफल नहीं हो सकता, मैं ख़ुद अपनी मौत का ज़िम्मेदार हूं.” मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने कहा कि हालांकि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं किया गया है.

जांच अधिकारियों के मुताबिक़ पी. दानुष नाम का युवक एक आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखता था जिसने पिछले साल एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में दाख़िला लिया था, लेकिन परिवार प्राइवेट कॉलेज का ख़र्च वहन करने में असमर्थ था. ऐसे में युवक सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाख़िले के लिए नीट परीक्षा की तैयारी कर रहा था. तमिलनाडु में पिछले कुछ सालों में 20 से ज़्यादा स्टूडेंट्स अपनी संबंधित परीक्षा में अच्छे मार्क्स या स्थान हासिल नहीं कर पाने और सरकारी मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई के लिए परीक्षा पास नहीं कर पाने की वजह से आत्महत्या की है.

तमिलनाडु शुरु से ही नीट सिस्टम का विरोधी रहा है. तमिलनाडु सरकार का तर्क रहा है कि यह सिस्टम सिर्फ उन लोगों के लिए है जिनके परिवार प्राइवेट कोचिंग का ख़र्च वहन कर सकते हैं. सरकार का दावा रहा है कि इस सिस्टम से ग़रीब और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले स्टूडेंट्स को नुक़सान होता है. नीट से पहले कम से कम एक दशक तक मेडिकल कॉलेज में दाखिले के लिए राज्य सरकार ने 12वीं के मार्क्स को ही प्राथमिकता दी थी.

हालांकि तमिलनाडु सरकार ने पिछले साल सितंबर महीने में राज्य को नीट से बाहर करने के लिए एक विधेयक (Anti NEET Bill) पास किया था जिसपर गवर्नर ने हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था और विधेयक सरकार को वापस भेज दिया था. बाद में गवर्नर ने उस विधेयक को राष्ट्रपति को हस्तांरित कर दिया जिसपर राष्ट्रपति ने ख़बर लिखे जाने तक अपना रुख साफ नहीं किया है. जबकि इसी तरह का विधेयक पिछली एआईएडीएमके सरकार ने भी पारित किया था जिसे राष्ट्रपति ने बाद में ख़ारिज कर दिया था.

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तमिलनाडु राज्य को नीट परीक्षा से बाहर किए जाने वाले विधेयक विधानसभा से पारित किए जाने के बाद तीन अन्य राज्यों कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और केरल ने भी परीक्षा से बाहर होने की मांग की थी. जानकार भी नीट को सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाख़िले के लिए ‘एक बेहतर विकल्प’ मानने से इनकार करते हैं और कहते हैं कि मोटी रक़म वसूलने के लिए नीट प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में दाखिला सुनिश्चित करता है जिसका स्वामित्व राजनेताओं के हाथों में हैं.

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