Wed. Feb 8th, 2023
PM मोदी ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन से की बात, यूक्रेन संकट और फूड सिक्योरिटी समेत कई मुद्दों पर हुई चर्चा

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

Image Credit source: File Photo

पीएम मोदी (PM Narendra Modi) और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा और फूड मार्केट की मौजूदा स्थिति सहित कई वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने शुक्रवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत की. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच यूक्रेन की स्थिति (Ukraine) और फूड सिक्योरिटी समेत कई वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई. फोन पर बातचीत के दौरान दोनों देशों के नेताओं ने 2021 (दिसंबर) में राष्ट्रपति पुतिन (Russian President Vladimir Putin) के भारत दौरे के समय लिए गए फैसलों के कार्यान्वयन की समीक्षा की.

प्रधानमंत्री कार्यालय के एक बयान के मुताबिक, पुतिन और मोदी ने कृषि वस्तुओं, उर्वरकों और फार्मा प्रोडक्ट्स में द्विपक्षीय व्यापार को कैसे प्रोत्साहित किया जा सकता है? इसपर विचारों का आदान-प्रदान किया. इसके अलावा, दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा और फूड मार्केट की मौजूदा स्थिति सहित कई वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की. पीएमओ ने बयान में कहा, ‘यूक्रेन में मौजूदा संकट को लेकर पीएम मोदी ने वार्ता और कूटनीति के पक्ष में भारत के लंबे वक्त से चले आ रहे रुख को दोहराया.’ बयान के मुताबिक, दोनों देशों के नेता वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर लगातार परामर्श जारी रखने की बात पर भी सहमत हुए हैं.

रूस ने काला सागर से वापस बुलाई सेना

गौरतलब है कि रूस ने गुरुवार को काला सागर से अपनी आर्मी वापस बुला ली, जहां उन्हें यूक्रेन के लगातार हमलों का सामना करना पड़ रहा था. हालांकि रूस ने पूर्वी प्रांत लुहांस्क में यूक्रेन के आखिरी गढ़ को घेरने के लिए अपना पूरा जोर लगा रखा है और यहां उसे यूक्रेनी सैनिकों के प्रतिरोध से जूझना पड़ रहा है. रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने यूक्रेन के काला सागर बंदरगाह ओडेसा के ज़मीयिन (स्नेक) द्वीप से अपनी सेना वापस बुला ली है. यूक्रेन की सेना ने कहा कि यूक्रेन के तोपखाने और मिसाइल हमलों के बाद रूसी दो स्पीडबोट में द्वीप से भाग गए. रूसी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल इगोर कोनाशेनकोव ने जोर देकर कहा कि वापसी का उद्देश्य यह दिखाना था कि रूसी संघ यूक्रेन के क्षेत्र से कृषि उत्पादों को बाहर ले जाने के लिए मानवीय गलियारा स्थापित करने के संयुक्त राष्ट्र के प्रयासों में बाधा नहीं डाल रहा था.

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यूक्रेन की रिहायशी इमारतों पर मिसाइल अटैक

दरअसल, यूक्रेन और पश्चिमी देशों ने रूस पर अनाज के निर्यात को रोकने के लिए यूक्रेनी बंदरगाहों को अवरुद्ध कर वैश्विक खाद्य संकट में योगदान करने का आरोप लगाया है. रूस ने इन आरोपों से साफ इनकार किया और कहा है कि सुरक्षित नौवहन की इजाजत देने के लिए यूक्रेन को काला सागर से समुद्री बारुदी सुरंगों को हटाने की जरूरत है. इस बीच, यूक्रेन के बंदरगाह शहर ओदेसा में शुक्रवार तड़के रिहायशी इमारतों पर रूस के मिसाइल हमलों में दो बच्चों समेत कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई. ये हमला ऐसे वक्त पर हुआ है, जब रूस ने अपनी सेना को काला सागर के एक प्रमुख द्वीप स्नेक आइलैंड से गुरुवार को वापस बुला लिया है.

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