Mon. Jan 30th, 2023
Presidential Election 2022: राष्ट्रपति पद के लिए 115 उम्मीदवारों ने भरा नामांकन, सिर्फ द्रौपदी मुर्मू और यशवंत सिन्हा के नॉमिनेशन पाए गए सही

राष्‍ट्रपति चुनाव में द्रौपदी मुर्मू और यशवंत सिन्‍हा उम्‍मीदवार हैं.

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Presidential Election 2022: चुनाव के लिए 72 उम्मीदवारों के बाकी 87 पत्रों में से 79 को आवश्यक मानदंड पूरा नहीं करने के लिए खारिज कर दिया गया है . उम्मीदवारों की अंतिम सूची 2 जुलाई को नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तिथि के बाद राजपत्र में प्रकाशित की जाएगी.

आगामी राष्ट्रपति के चुनाव के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) और विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के नामांकन पत्र जांच में सही पाए गए हैं. राज्यसभा सचिवालय ने गुरुवार को यह जानकारी दी. राष्ट्रपति चुनाव (Presidential Elections 2022) के निर्वाचन अधिकारी और राज्यसभा के महासचिव पीसी मोदी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा है कि कुल प्राप्त हुए 115 नामांकन पत्रों (Nominations) में से 28 प्रस्तुत करते वक्त ही खारिज कर दिये गए थे .

राष्ट्रपति चुनाव के निर्वाचन अधिकारी पीसी मोदी ने बताया कि इस चुनाव के लिए 72 उम्मीदवारों के बाकी 87 पत्रों में से 79 को आवश्यक मानदंड पूरा नहीं करने के लिए खारिज कर दिया गया है . उम्मीदवारों की अंतिम सूची 2 जुलाई को नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तिथि के बाद राजपत्र में प्रकाशित की जाएगी.

द्रौपदी मुर्मू और यशवंत सिन्हा मैदान में

नामांकन पत्र दाखिल करने वालों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू और संयुक्त विपक्ष के प्रत्याशी यशवंत सिन्हा शामिल हैं. द्रौपदी मुर्मू और यशवंत सिन्हा चुनाव में मुख्य उम्मीदवार हैं. उनके अलावा, कई आम लोगों ने भी देश के शीर्ष संवैधानिक पद के लिए अपने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं. इनमें मुंबई के एक झुग्गी निवासी, राष्ट्रीय जनता दल के संस्थापक लालू प्रसाद यादव के एक हमनाम, तमिलनाडु के एक सामाजिक कार्यकर्ता और दिल्ली के एक प्राध्यापक शामिल हैं.

प्रस्तावकों को लेकर नियम

निर्वाचन आयोग ने नामांकन पत्र दाखिल करने वाले लोगों के लिए कम से कम 50 प्रस्तावक और 50 अनुमोदक अनिवार्य कर दिया है. ये प्रस्तावक और अनुमोदक निर्वाचक मंडल के सदस्य होंगे. 1997 में, 11वें राष्ट्रपति चुनाव से पहले प्रस्तावकों और अनुमोदकों की संख्या 10 से बढ़ाकर 50 कर दी गई थी, वहीं जमानत राशि भी बढ़ाकर 15,000 रुपये कर दी गई थी.

देखें वीडियो-

यशवंत सिन्हा ने बताया संघर्ष

विपक्ष की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने गुरुवार को कहा कि कोई भी सरकार जो संविधान पर एवं धर्मनिरपेक्षता पर विश्वास रखती है और हिंदुत्व पर नहीं, वह इस देश में सुरक्षित नहीं है. यशवंत सिन्हा ने द्रविड मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और उसके गठबंधन सहयोगियों की एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि मेरा राष्ट्रपति पद के चुनाव में खड़े होने के लिए राजी होना केन्द्र सरकार और भाजपा की कथित ज्यादतियों के खिलाफ सतत संघर्ष है.

उन्होंने कहा, ‘2014 तक मैं वित्त पर संसद की स्थाई समिति का प्रमुख था और परंपरा थी कि विपक्ष का कोई सदस्य इसका मुखिया होगा. लेकिन अब सत्तारूढ़ दल का सदस्य समिति का प्रमुख है. यह अलग बात है कि वह मेरा बेटा (जयंत सिन्हा) है. लेकिन मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि यह गलत परंपरा है.’

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विपक्षी दलों ने सिन्हा को 21 जून को अपना साझा उम्मीदवार घोषित किया था. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू ने पिछले सप्ताह शुक्रवार को नामांकन पत्र दाखिल किया था. राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 18 जुलाई को होना है। मतगणना 21 जुलाई को होगी. वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है.

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