Tue. Feb 7th, 2023
Rocketry Vs Rashtra Kavach Om: आर माधवन की 'रॉकेट्री' या आदित्य रॉय कपूर की 'ओम', जानिए कौनसी फिल्म है फुल पैसा वसूल?

आर माधवन की रॉकेट्री और

फिल्म ट्रेड एनालिस्ट भी ये बता चुके हैं कि बॉक्स ऑफिस पर अदित्य की फिल्म आर माधवन की फिल्म के आगे घुटने टेक देगी. हालांकि, ये तो कल ओपनिंग डे कलेक्शन जब आएगा, तब ही इस पर कुछ कहा जा सकता है.

आज यानी शुक्रवार को दो बिग बजट की फिल्में रिलीज हुईं. एक है आर माधवन की ‘रॉकेट्री : द नंबी इफेक्ट’ (Rocketry : The Nambi Effect) और दूसरी है आदित्य रॉय कपूर की ‘राष्ट्र कवच ओम’. दोनों ही फिल्मों का जोनर अलग-अलग है. जहां आर माधवन की रॉकेट्री एक असली कहानी दर्शाती है, तो वहीं अदित्य रॉय कपूर (Aditya Roy Kapur) की ‘राष्ट्र कवच ओम’ एक थ्रिलर एक्शन फिल्म है. जाहिर सी बात है, जब दोनों ही फिल्मों का जोनर अलग है, तो दोनों फिल्मों की ऑडियंस भी अलग ही होगी. हालांकि, ये सोचने वाली बात है कि दोनों फिल्मों में से बेहतर कौन सी है, जो फुल पैसा वसूल है.

आजकल फिल्मों को लेकर लोगों का टैस्ट थोड़ा बदला है. ऐसे में बिना सिर पैर वाली फिल्में देखने के बजाए दर्शक उन फिल्मों को देखना पसंद कर रहे हैं, जो सच्ची घटना पर आधारित होती है. जिनके जरिए लोग एंटरटेन तो होते ही हैं, लेकिन साथ ही वे सच्ची कहानी से रूबरू होते हैं. रॉकेट्री द नंबी इफेक्ट और राष्ट्र कवच ओम, दोनों में एक बात जो कॉमन है, वो है- साइंटिस्ट. जी हां, दोनों ही फिल्मों की कहानी भारतीय साइंटिस्ट के इर्द गिर्द घूमती हैं.

कौनसी फिल्म है फुल एंटरटेनिंग?

सबसे पहले बात करते हैं फिल्म रॉकेट्री द नंबी इफेक्ट की. यह फिल्म इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन के पूर्व साइंटिस्ट नंबी नारायण की जिंदगी पर आधारित है. इस फिल्म की कहानी पूर्व साइंटिस्ट के जज्बे, जुनून और उसके साथ हुए अन्याय के खिलाफ उनकी लड़ाई की कहानी को दर्शाती है. यह फिल्म दो भाग में है. एक में नंबी नारायण की उपलब्धियां हैं, और दूसरे में उनके साथ हुए अन्याय की लड़ाई. दोनों ही पार्ट अपनी-अपनी जगह फिल्म की कहानी को जस्टिफाई करते हैं.

वहीं, फिल्म राष्ट्र कवच ओम की बात करें तो ये फिल्म पूरी तरह से फिक्शनल स्टोरी है. इसमें आपको एक ऐसी कहानी दिखाई देगी, जो आपका सिर घुमा सकती है. आदित्य रॉय कपूर ने फिल्म में ओम नामक एक पैरा कमांडो की भूमिका निभाई है. ये ऐसा पैरा कमांडो है, जिसे उड़ते हुए जहाज से कूदने के लिए पैराशूट तक की जरूरत नहीं है. ये सुनकर ही आपका सिर चकरा गया न? जी हां, फिल्म में ऐसे कई सीन्स हैं, जिन्हें देखने के बाद आप ये कहेंगे कि कुछ तो लॉजिक लगा लेते.

खैर, इस फिल्म की कहानी भी देश की सेवा करने वाले एक जवान के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे अपने साइंटिस्ट पिता की तलाश होती है. फिल्म काफी बोरिंग है. दर्शकों को बांधे रखने में ये फिल्म विफल नजर आती है. हालांकि, अगर आप ये फिल्म कहानी के बजाए आदित्य रॉय कपूर की फिट बॉडी देखने के लिए देखना चाहते हैं, तो जरूर देख लें, लेकिन आदित्य के शर्टलैस सीन भी आपको खुश नहीं कर पाएंगे.

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ओपनिंग डे कलेक्शन बताएगा दर्शकों कौनसी फिल्म आई पसंद

फिल्म ट्रेड एनालिस्ट भी ये बता चुके हैं कि बॉक्स ऑफिस पर अदित्य की फिल्म आर माधवन की फिल्म के आगे घुटने टेक देगी. हालांकि, ये तो कल ओपनिंग डे कलेक्शन जब आएगा, तब ही इस पर कुछ कहा जा सकता है कि दर्शकों को कौनसी फिल्म ज्यादा पसंद आई है, लेकिन अगर हम अपनी बात करें तो फुल पैसा वसूल फिल्म आर माधवन की रॉकेट्री : द नंबी इफेक्ट है.

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