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सोफिया हयात उस समय सुर्खियों में आई थीं जब उन्होंने साल 2016 में ये घोषणा की थी कि वो एक आध्यात्मिक नन बन गई हैं. इस बात को सुनकर काफी लोग चौंक गए थे और अब वो एक Spiritual गुरू बन गई हैं.


Jun 30, 2022 | 7:03 PM

TV9 Hindi

| Edited By: अरबिंद वर्मा

Jun 30, 2022 | 7:03 PM




Spiritual fasting के दौरान सोफिया हयात के शरीर में नमक और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो गई थी जिसकी वजह से उन्हें यूके के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सोफिया ने इस घटना के बारे में डिटेल में बताते हुए कहा कि ऐसा करने से उन्हें ब्रिटेन में बीमा कराने में मदद मिली क्यूंकि अस्पताल का बिल बहुत ही बड़ा था. हालांकि, वो अब इससे उबर रही हैं.

Spiritual fasting के दौरान सोफिया हयात के शरीर में नमक और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो गई थी जिसकी वजह से उन्हें यूके के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सोफिया ने इस घटना के बारे में डिटेल में बताते हुए कहा कि ऐसा करने से उन्हें ब्रिटेन में बीमा कराने में मदद मिली क्यूंकि अस्पताल का बिल बहुत ही बड़ा था. हालांकि, वो अब इससे उबर रही हैं.

Spiritual Fasting के दौरान सोफिया के शरीर में नमक की लेवल खतरनाक रूप से नीचे गिर गया था. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया और नमक के पांच पैकेट दिए गए तब जाकर उन्हें फिर से होश में लाया जा सका. सोफिया ने बताया कि उपवास के दौरान उन्हें कंपकंपी लगने लगी थी और चक्कर आने लगे थे.

Spiritual Fasting के दौरान सोफिया के शरीर में नमक की लेवल खतरनाक रूप से नीचे गिर गया था. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया और नमक के पांच पैकेट दिए गए तब जाकर उन्हें फिर से होश में लाया जा सका. सोफिया ने बताया कि उपवास के दौरान उन्हें कंपकंपी लगने लगी थी और चक्कर आने लगे थे.

ईटाइम्स को दी गई जानकारी में सोफिया ने बताया कि, 'नमक का लेवल काफी कम हो गया था. मैंने नर्स से नमक के पांच पैकेट लाने के लिए कहा और इस तरह से मुझे बचा लिया गया. इस कंडीशन के बाद ही मुझे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. मेरा दिल अजीब हो रहा था, मैं कांप रही थी.' सोफिया ने कहा कि उन्होंने एक दोस्त से फोन पर बात की जिसके बाद उन्हें कुछ बेहतर महसूस हुआ. अस्पताल में भर्ती होने के बाद मैंने अपने शरीर की बात सुनी और खाना खाया और पानी पिया. उन्होंने कहा कि अब वो पहले से काफी ठीक हो गई हैं.

ईटाइम्स को दी गई जानकारी में सोफिया ने बताया कि, ‘नमक का लेवल काफी कम हो गया था. मैंने नर्स से नमक के पांच पैकेट लाने के लिए कहा और इस तरह से मुझे बचा लिया गया. इस कंडीशन के बाद ही मुझे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. मेरा दिल अजीब हो रहा था, मैं कांप रही थी.’ सोफिया ने कहा कि उन्होंने एक दोस्त से फोन पर बात की जिसके बाद उन्हें कुछ बेहतर महसूस हुआ. अस्पताल में भर्ती होने के बाद मैंने अपने शरीर की बात सुनी और खाना खाया और पानी पिया. उन्होंने कहा कि अब वो पहले से काफी ठीक हो गई हैं.

सोशल मीडिया पर शेयर की गई एक तस्वीर में सोफिया एक इमरजेंसी रूम में बेड पर कोविड मास्क पहने हुए लेटी नजर आ रही हैं. उन्होंने कहा कि इमरजेंसी कंडीशन के दौरान मेडिकल हेल्प लेने से उन्हें आर्थिक रूप से प्रभावित होना पड़ा है. उन्होंने कहा कि, 'जब मैं अस्पताल में थी तो उन्होंने मेरे चेहरे पर जो पहली चीज डाली थी वो था बिल. भगवान का शुक्र है कि मेरे पास यूके में मेडिकल पॉलिसी है.'

सोशल मीडिया पर शेयर की गई एक तस्वीर में सोफिया एक इमरजेंसी रूम में बेड पर कोविड मास्क पहने हुए लेटी नजर आ रही हैं. उन्होंने कहा कि इमरजेंसी कंडीशन के दौरान मेडिकल हेल्प लेने से उन्हें आर्थिक रूप से प्रभावित होना पड़ा है. उन्होंने कहा कि, ‘जब मैं अस्पताल में थी तो उन्होंने मेरे चेहरे पर जो पहली चीज डाली थी वो था बिल. भगवान का शुक्र है कि मेरे पास यूके में मेडिकल पॉलिसी है.’

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, सोफिया हयात उस समय सुर्खियों में आई थीं जब उन्होंने साल 2016 में ये घोषणा की थी कि वो एक आध्यात्मिक नन बन गई हैं. इस बात को सुनकर काफी लोग चौंक गए थे और अब वो एक Spiritual गुरू बन गई हैं.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, सोफिया हयात उस समय सुर्खियों में आई थीं जब उन्होंने साल 2016 में ये घोषणा की थी कि वो एक आध्यात्मिक नन बन गई हैं. इस बात को सुनकर काफी लोग चौंक गए थे और अब वो एक Spiritual गुरू बन गई हैं.






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