Mon. Jan 30th, 2023
Udaipur Case: राजस्थान पुलिस ने कहा- उदयपुर हत्याकांड में 'कराची कनेक्शन'; पाकिस्तान बोला- हमारा कोई संबंध नहीं

उदयपुर हत्याकांड के दोनों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं.

उदयपुर हत्याकांड पर राजस्थान पुलिस ने कहा था कि मामले के दो आरोपियों में से एक गौस मोहम्मद 2014 में पाकिस्तान के कराची शहर में गया था और दावत-ए-इस्लामी के साथ उसके संबंध थे. हालांकि, पाकिस्तान ने इसे “भ्रामक” और देश को “बदनाम” करने का प्रयास बताया है.

राजस्थान के उदयपुर में दर्जी कन्हैयालाल की दिनदहाड़े हुई हत्या के बाद राज्य के कई हिस्सों में तनाव का माहौल बना हुआ है. सरकार में शामिल लोगों और जांच एजेंसियों की ओर से इस हत्याकांड को आतंकी हमला बताया जा रहा है. हत्याकांड के एक दिन बाद राजस्थान पुलिस ने कहा था कि मामले के दो आरोपियों में से एक गौस मोहम्मद 2014 में पाकिस्तान के कराची शहर में गया था और दावत-ए-इस्लामी (Dawat-e-Islami) के साथ उसके संबंध थे. हालांकि, पाकिस्तान की ओर से से इस रिपोर्ट को “भ्रामक” और देश को “बदनाम” करने का प्रयास बताते हुए खारिज कर दिया गया है.

पाकिस्तान विदेश कार्यालय (Pakistan Foreign Office) के प्रवक्ता असीम इफ्तिखार अहमद ने कहा, “हमने भारतीय मीडिया के एक हिस्से में उदयपुर में हत्या के मामले की जांच का जिक्र करते देखा है, जिसमें आरोपियों में से एक भारतीय नागरिक को पाकिस्तान स्थित एक संगठन से जोड़ने की कोशिश की जा रही है.” यह कहते हुए कि इस तरह के “आरोप” “भाजपा-आरएसएस ‘हिंदुत्व’ द्वारा संचालित भारतीय सरकार के पाकिस्तान को बदनाम करने के प्रयासों की कोशिश है, जिसमें पाकिस्तान की ओर अंगुली उठाकर अपने आंतरिक मुद्दों को बाहरी करना शामिल है.”

उदयपुर में 28 जून को एक दर्जी की नृशंस हत्या, जिसने कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी की निलंबित नेता नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया था, ने देश में तनाव की स्थिति बना दी. हालांकि घटना के कुछ ही देर में मामले के आरोपी मोहम्मद रियाज अटारी और गौस मोहम्मद को पकड़ लिया गया. जबकि जांच में एक आरोपी के पाकिस्तान के दावत-ए-इस्लामी संगठन के साथ संबंधों के बारे में अधिक जानकारी मिली है.

राजस्थान के पुलिस महानिदेशक एमएल लाठर ने कहा, “आरोपियों में से एक गौस मोहम्मद का कराची स्थित इस्लामी संगठन दावत-ए-इस्लामी से संबंध है. वह 2014 में कराची भी गया था. हमने अब तक दो मुख्य आरोपियों सहित पांच लोगों को हिरासत में लिया है.” लाठर ने कहा कि 2014 में गौस मोहम्मद कराची के दावत-ए-इस्लामी संगठन गया था. संगठन के मुंबई और दिल्ली में भी ऑफिस हैं.

लेकिन, पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा, “इस तरह के दुर्भावनापूर्ण प्रयास भारत या विदेश में लोगों को गुमराह करने में कामयाब नहीं होंगे.”

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