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Udaipur Murder: कन्हैया लाल हत्याकांड के आरोपियों के जनरल स्टोर और वेल्डिंग की दुकान के पीछे का सच, जानिए पड़ोसियों की जुबानी

उदयपुर हत्याकांड का आरोपी मोहम्मद रियाज (बाएं) और गौस मोहम्मद (फाइल फोटो)

भीलवाड़ा के पुलिस अधीक्षक आदर्श सिद्धू ने बताया कि रियाज भीलवाड़ा के आसींद का निवासी था लेकिन वह 20 वर्ष पूर्व यहां से चला गया था. रियाज के एक रिश्तेदार ने बताया कि वह 2002 के बाद भीलवाड़ा नहीं लौटा.

राजस्थान (Rajasthan) के उदयपुर में जहां मंगलवार को एक दर्जी कन्हैया लाल की हत्या (Udaipur Murder Case) कर दी गई थी, वहां से करीब 3 किमी दूर रजा कॉलोनी में दो मंजिला घर के ग्राउंड फ्लोर पर एक छोटा सा जनरल स्टोर है. दुकान बंद है और घर भी. यहां दो पुलिस कांस्टेबल पहरा देते हैं. दुकान और घर दोनों कन्हैया लाल की हत्या करने वाले दो लोगों में से एक गौस मोहम्मद के हैं. यह इलाका उदयपुर में बड़े खानजीपीर इलाके का हिस्सा है, जो मुख्य रूप से मुस्लिम आबादी वाला क्षेत्र है. पड़ोसियों ने कहा कि गौस का नाम हमने कभी किसी भी तरह की हिंसा से जुड़े होने के बारे में नहीं सुना.

फाइनेंस कंपनी में एजेंट था गौस

एक अन्य पड़ोसी मोहम्मद उमर ने कहा कि दो बच्चों का पिता गौस पहले एक फाइनेंस कंपनी में एजेंट था. इस इलाके के कई लोग उसके पास पैसे जमा करते थे. कंपनी के धोखाधड़ी के आरोपों में फंसने के बाद कई लोगों का पैसा डूब गया. इसके बाद उन्होंने अपने पिता के साथ मिलकर एक जनरल स्टोर खोला. उन्होंने कहा कि कोई भी पिता या माता नहीं चाहेगा कि उनके बच्चे अपराधी बनें. यह बाहरी प्रभाव के कारण है. घटना के एक दिन बाद, उसके पिता टूट गए और कहा कि इसने क्या किया. उसने न मेरी इज्जत का ख्याल किया और न ही मेरी बुज़ुर्गी का. इसके कुछ देर बाद ही परिवार घर से निकल गया.

किराया देने के पैसे नहीं थे रियाज के पास

यहां से कुछ दूर वह घर है जहां दूसरा आरोपी मोहम्मद रियाज़ रहता था, जिसकी उम्र भी 30 वर्ष है. घर में ताला लगा हुआ है और बाहर पुलिसकर्मी तैनात हैं. घर के मालिक मोहम्मद उमर ने बताया कि मैंने रियाज को दो कमरे किराए पर दिए थे, वह 12 जून को यहां आया था. रियाज एक वेल्डर है, और यहां अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रह रहा था. मुझे उसके बारे में कुछ भी संदिग्ध नहीं लगा. मैंने उससे पहले से कुछ किराया मांगा था लेकिन उसने कहा कि वह इसका भुगतान नहीं कर सकता. घटना के बाद उसका परिवार चला गया. मुझे अभी तक अपना किराया नहीं मिला है.

2002 के बाद नहीं लौटा भीलवाड़ा

रियाज के साथ पहले काम कर चुके एक वेल्डर कय्यूम बेग ने कहा कि वह पिछले दो दशकों से उदयपुर में काम कर रहा था. वहीं जांच दल में शामिल एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि रियाज ने कन्हैया लाल को मारने के लिए इस्तेमाल किए गए चाकू को वेल्ड किया था. भीलवाड़ा के पुलिस अधीक्षक आदर्श सिद्धू ने बताया कि रियाज भीलवाड़ा के आसींद का निवासी था लेकिन वह 20 वर्ष पूर्व यहां से चला गया था. भीलवाड़ा में आरोपी रियाज के एक रिश्तेदार ने बताया कि वह 2002 के बाद भीलवाड़ा नहीं लौटा. उन्होंने बताया कि रियाज की 2001 में शादी हुई थी और उसने 2002 में आसींद छोड़ दिया था तथा पिछले वर्ष उसके पिता का निधन हो गया था लेकिन उसके बावजूद वह वापस नहीं आया.

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इनके निशाने पर एक शख्स और भी था

बता दें कि उदयपुर कन्हैयालाल हत्याकांड में अब तक की जांच को आगे बढ़ाते हुए आज NIA टीम जयपुर कोर्ट में अर्जी दाखिल करेगी. जयपुर की स्पेशल NIA कोर्ट में दोनों आरोपियों के प्रोडक्शन वारंट के लिए NIA टीम अर्जी दाखिल करेगी. सूत्रों के मुताबिक अभी तक की जांच में पता चला है कि रियाज़ मोहम्मद और गौस मोहम्मद इस हत्याकांड में अकेले नहीं थे बल्कि इनका एक ग्रुप है. जिसमे एक दर्जन से ज्यादा लोग शामिल हैं. इनके ग्रुप में पाकिस्तान के कुछ ऐसे लोग भी है जिनके संबंध कई आतंकी ग्रुप से है. कन्हैया की हत्या के पीछे इनका मक़सद सिर्फ दहशत फैलाना था और इनके निशाने पर कन्हैया के अलावा एक नितिन जैन नाम का शख्स भी था.

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