Tue. Feb 7th, 2023
Udaipur Murder Case: रियाज़ और गौस मोहम्मद के प्रोडक्शन वारंट के लिए जयपुर कोर्ट में अर्जी दाखिल करेगी NIA, जांच में हुए कई बड़े खुलासे

उदयपुर हत्याकांड के आरोपी.

Image Credit source: (फाइल फोटो)

सूत्रों के मुताबिक पुलिस की हिरासत में दोनों आरोपियों (Udaipur Murder Case) को अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है. दोनों अब भी पुलिस के सामने अपने मज़हब को लेकर उद्देश्य को पूरा करने का दावा कर रहे हैं.

राजस्थान (Rajasthan) के उदयपुर कन्हैयालाल हत्याकांड में अब तक की जांच को आगे बढ़ाते हुए शुक्रवार को NIA टीम जयपुर कोर्ट में अर्जी दाखिल करेगी. जयपुर की स्पेशल NIA कोर्ट में दोनों आरोपियों के प्रोडक्शन वारंट के लिए NIA टीम अर्जी दाखिल करेगी. सूत्रों के मुताबिक अभी तक की जांच में पता चला है कि रियाज़ मोहम्मद और गौस मोहम्मद इस हत्याकांड (Udaipur Murder Case) में अकेले नहीं थे बल्कि इनका एक ग्रुप है. जिसमे एक दर्जन से ज्यादा लोग शामिल हैं. इनके ग्रुप में पाकिस्तान के कुछ ऐसे लोग भी है जिनके संबंध कई आतंकी ग्रुप से है. कन्हैया की हत्या के पीछे इनका मक़सद सिर्फ दहशत फैलाना था और इनके निशाने पर कन्हैया के अलावा एक नितिन जैन नाम का शख्स भी था.

दोनों आरोपियों ने पुलिस को बताया कि पैगंबर मोहम्मद पर की गई टिप्पणी के बाद कन्हैयालाल की लाइव हत्या करने का मक़सद था, ताकि एक समुदाय में दहशत फैल जाए और दोनों अपने धर्म के हीरो बन जाएं. इस लोगों का ग्रुप पिछले काफी समय से हिंदू-मुस्लिम विवाद की खबरों पर सोशल मीडिया पर बात किया करता था. ये लोग पिछले काफी वक्त से कुछ बड़ा करने की साज़िश रच रहे थे. दोनों आरोपी भारत को इस्लामिक स्टेट बनाने के लिए ISIS को अपना आदर्श मानते थे.

अपने मज़हब का हीरो बनने के लिए कर दिया मर्डर

दोनों आरोपी अक्सर ISIS और तालिबान के वीडियो देखा करते थे. ये दोनों हिंदुओं को काफ़िर समझते है. नूपुर शर्मा के बयान के बाद जब देश के कई हिस्सों में पथराव हुआ तो उनको लगा कि हिंदुओं में दहशत फैलाने का ये अच्छा मौका है. दोनों को लगा कि अपने मज़हब का हीरो बनने का इससे अच्छा मौका नहीं हो सकता. नूपुर शर्मा के पोस्ट पर कन्हैयालाल की प्रतिक्रिया के बाद दोनों ने उसे सबसे आसान टारगेट समझा. हालांकि इनके निशाने पर कई बड़े लोग भी थे लेकिन वो इनकी पहुंच से काफी दूर थे.

सूत्रों के मुताबिक पुलिस की हिरासत में दोनों आरोपियों को अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है. दोनों अब भी पुलिस के सामने अपने मज़हब को लेकर उद्देश्य को पूरा करने का दावा कर रहे हैं. इनका कहना है कि भले ही वे अपने धर्म के लिए कुर्बान हो जाएंगे लेकिन उसके बाद भी उनके ग्रुप के कई लोग है जो भारत को इस्लामिक देश बनाने में लगे हुए है. आने वाले दिनों में पैगंबर मोहम्मद की शान में गुस्ताखी करने वालो का अंजाम कन्हैयालाल से भी बुरा होगा.

कई सालों से स्लीपर सेल की तरह काम कर रहे थे आरोपी

पुलिस के सूत्रों के मुताबिक आरोपी 2014 में ट्रेन के जरिए 45 दिनों के लिए पाकिस्तान गया था. वह वहां ज्यादातर उन लोगों के संपर्क में था, जो अलग अलग आतंकी गुट से किसी ना किसी तरह से जुड़े हुए थे. पाकिस्तान के आकाओं के आदेश पर पिछले कई सालों से ये दोनों राजस्थान में रहते हुए स्लीपर सेल की तरह काम कर रहे थे. काफी समय से ये अपने आकाओं से अलग अलग एप्स के ज़रिए संपर्क में थे.इनका मकसद कन्हैयालाल की हत्या करने के बाद अजमेर में अल्लाह के सामने जाकर उसकी शान में गुस्ताखी करने वालों को सज़ा देकर आने का दावा करने का था.

ये भी पढ़ें



सूत्रों के मुताबिक पुलिस की पूछताछ में दोनों ने बताया कि ये साज़िश उन्होंने नूपुर शर्मा के बयान के बाद रची थी. जिसके बाद उदयपुर के सीपाटिया इलाके में वेल्डिंग फैक्टरी में उन्होंने हथियार बनाये और हत्या को अंजाम दिया. हत्या को अंजाम देने के बाद दोनों ने उस फैक्टरी के मालिक के ऑफिस में वीडियो बनाया. जांच एजेंसियों ने वहां से अपराध में इस्तेमाल हथियार बरामद कर लिए है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *